इस मामले में दो दिसंबर 2021 को आगरा जेल से लाकर विजय मिश्र को अदालत में पेश किया गया था। वहीं, विधायक के भतीजे और भदोही के डीघ ब्लाक प्रमुख मनीष मिश्रा को आठ दिसंबर 2021 को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता ने 13 सितंबर 2021 को जैतपुरा थाने में विजय मिश्र समेत 14 लोगों पर धमकाने सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज करवाया था।
विधायक विजय मिश्र के परिजन पर कार्रवाई के नाम पर पांच माह में पुलिस ने सिर्फ भतीजे सतीश मिश्रा और डीघ ब्लाक प्रमुख मनीष मिश्रा को ही गिरफ्तार कर सकी है। जबकि विधायक के फरार बेटे विष्णु, तीन बेटियों और दामाद सहित अन्य आरोपियों की पुलिस को लोकेशन नहीं मिल पा रही है।
पिछले माह जैतपुरा थाने की टीम मुंबई भी गई थी लेकिन खाली हाथ लौटी। मुकदमा दर्ज होने के पांच माह बाद आरोपियों का ठिकाना तक पुलिस नहीं पता कर पाई। यही वजह रही कि कुर्की का तामिल नोटिस का जवाब नहीं देने पर एक और मुकदमा दर्ज किया गया।
दो साल पूर्व अक्तूबर 2020 को भदोही जिले के ज्ञानपुर थाने में विधायक विजय मिश्र, बेटे विष्णु मिश्र सहित तीन के खिलाफ गायिका ने सामूहिक दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था। जैतपुरा क्षेत्र की रहने वाली गायिका का आरोप था कि विधायक विजय मिश्र, उनके बेटे और नाती ने जनवरी 2014 से दिसंबर 2015 के बीच सामूहिक दुष्कर्म किया।
इस मामले में पुलिस ने विधायक विजय मिश्र को मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया था। युवती का आरोप है कि दुष्कर्म के उसी मुकदमे में समझौता करने का दबाव बनाने के लिए विजय मिश्र के इशारे पर उनकी तीन बेटियां, बेटा, भतीजे और दामाद सहित अन्य रिश्तेदार उसके जैतपुरा स्थित घर में जबरन घुसे और धमकी देते हुए सादे कागजों पर हस्ताक्षर कराने का प्रयास किया।
इस आधार पर गायिका की तहरीर पर विधायक विजय मिश्र, उनके बेटे-बेटियों, दामादों और भतीजों सहित 14 लोगों के खिलाफ 13 सितंबर 2021 को जैतपुरा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में विधायक के भतीजे आरोपी डीघ ब्लॉक प्रमुख मनीष मिश्र को भदोही पुलिस ने छह दिसंबर 2021 को मिर्जापुर से गिरफ्तार किया था। वहीं कमिश्नरेट पुलिस ने आरोपी भतीजे सतीश मिश्रा को प्रयागराज के टैगोर टाउन से 27 दिसंबर को गिरफ्तार किया था।
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