हनुमान जयंती पर रथयात्रा स्थित पंचमुखी हनुमान जी का भव्य शृंगार ।
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शिव की नगरी काशी में रुद्रावतार हनुमान जी का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। पंचदीपोत्सव के दूसरे दिन हनुमान जन्मोत्सव के आयोजन का उल्लास घर से लेकर मंदिरों तक नजर आया। शहर के हनुमान मंदिर और विग्रहों को भव्य ढंग से सजाया गया।
हे मारुति नंदन, काटो मेरे दुख के बंधन। हे महावीर बजरंगी, तुम्हें कहते हैं दुख भंजन...’ मन में यही भाव भरे भक्तों ने रथयात्रा स्थित कामना निधि पंचमुख हुनमान मंदिर में वार्षिक शृंगार उत्सव मनाया। इस अवसर पर मंदिर को रंग-बिरंगे फूलों से सजाया गया था। वहीं पंचमुख हनुमान की अलौकिक झांकी सजाई गई, जिसे देखकर भक्त निहाल हो गए।
फूल मालाओं से शृंगार के बाद हुई भव्य आरती
हनुमान जयंती पर रथयात्रा स्थित पंचमुखी हनुमान जी का दर्शन करने जाते श्रद्धालु।
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श्रद्धालुओं ने मत्था टेक कर अंजनीपुत्र से सुख और समृद्धि का आशीर्वाद लिया। मंदिर प्रांगण बजरंगबली, जय सियाराम के जयकारे से गूंजते रहे। बुधवार को हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर संकट मोचन मंदिर में दर्शन पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।
मंदिर प्रशासन ने कोविड के नियमों का पूरी तरह से पालन कराते हुए मंदिर में श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया। संकट मोचन मंदिर के महंत प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्रा ने बताया कि हनुमान जयंती पर हनुमान जी का विविध प्रकार से फूल मालाओं से शृंगार के बाद भव्य आरती की गई। कोविड के नियमों का कड़ाई से पालन किया गया।
नरहरिपुरा स्थित पातालपुरी मठ में गोस्वामी तुलसीदास द्वारा स्थापित प्राचीन दक्षिणमुखी हनुमान जी का भव्य शृंगार हुआ। पातालपुरी मठ के महंत बालकदास महाराज की देखरेख में समाजसेवी रविशंकर सिंह के यजमानत्व में दक्षिणमुखी हनुमान की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। वहीं, भदैनी स्थित प्राचीन भद्रेश्वर महादेव मंदिर में महंत डॉ. श्रवन दास महाराज के सानिध्य में शास्त्रोक्त विधि से हनुमान जन्मोत्सव मनाया गया।