Varanasi News: बीएचयू के आयुर्वेद फैकल्टी में एक दलित शोध छात्र के साथ फैकल्टी के ही सीनियर प्रोफेसर द्वारा अभद्रता करने का मामला सामने आया था। जिसमें सीनियर प्रोफ़ेसर ने मीटिंग में सबके सामने ही अपना जूठा समोसा फेककर शोध छात्र को मारा और जाति सूचक गालियां भी दी थी।
बीएचयू के आयुर्वेद संकाय में शोध छात्र द्वारा संकाय के सीनियर प्रोफेसर पर मीटिंग में जूठा समोसा फेंककर मारने, अभद्रता करने के आरोप के मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने वीसी, पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी किया है। छात्र की शिकायत के आधार पर नोटिस जारी कर आयोग के निदेशक वीके सिंह ने दोनों अधिकारियों से मामले में 15 दिन के भीतर जवाब भी मांगा है।
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बीएचयू आयुर्वेद संकाय के रचना शरीर विभाग के छात्र शिवम कुमार ने आयोग से शिकायत की थी। इसमें बताया था कि 30 मई 2024 को जब शोध के मामले उसका संकाय में साक्षात्कार था। साक्षात्कार के बाद लोग नाश्ता कर रहे थे। वह इस दौरान फोटो खींच रहा था तभी वहां मौजूद सीनियर प्रोफेसर ने अपने प्लेट में रखा जूठा समोसा चलाकर मार दिया। यहीं नहीं प्रोफेसर ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए अभद्रता भी की।
शिवम ने मामले की शिकायत संकाय स्तर पर की, इसमें कमेटी गठित की गई, लेकिन जब न्याय नहीं मिला तो उसने 30 अगस्त को राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग को पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई थी। अब आयोग ने कुलपति एवं पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी करते हुए उन्हें 15 दिन के अंदर घटना के बारे में पूरी रिपोर्ट देने को कहा गया है।
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साथ ही यह भी कहा गया है कि अगर 15 दिन के भीतर कोई जवाब नहीं मिलता है तो आयोग व्यक्तिगत रूप से अथवा प्रतिनिधि के माध्यम से आयोग के समक्ष प्रस्तुत होने के लिए समन जारी कर सकता है।