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गाजीपुर: मेडिकल कॉलेज के चार डॉक्टरों को नोटिस, ज्वाइनिंंग के बाद से हैं अनुपस्थित, उपस्थिति पंजिका की जांच में खुलासा

Tue, 22 Jun 2021 09:50 PM IST
हरि User अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर

सार

राजकीय मेडिकल कॉलेज का मामला है। दो डॉक्टर पढ़ाई जारी रखने के लिए अपना इस्तीफा दे चुके हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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गाजीपुर में राजकीय मेडिकल कॉलेज का संचालन भले ही अभी तक शुरू नहीं हो पाया है, लेकिन डॉक्टर आने लगे हैं। इन्हीं में कुछ काफी समय से अनुपस्थित हैं। करीब एक पखवाड़ा पूर्व ज्वाइनिंग के बाद ड्यूटी करने के बजाय बिना बताए अनुपस्थित रहने वाले चार जूनियर डॉक्टरों को मंगलवार को नोटिस जारी किया गया। जबकि दो डॉक्टर पढ़ाई जारी रखने के लिए अपना इस्तीफा दे चुके हैं।

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राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर आरके दीक्षित ने करीब एक माह पूर्व पदभार ग्रहण किया था। इनके आने के एक सप्ताह बाद से जूनियर डॉक्टरों एवं विभागाध्यक्षों के आने का क्रम शुरू हो गया। अब तक एनॉटमी विभाग के तीन, फिजियोलॉजी के एक, बायोकेमस्ट्री एक, पैथोलॉजी के एक, जनरल मेडिसिन के दो, दंत के एक और आंख के एक प्रोफेसर ने पदभार ग्रहण कर लिया है। वे जिला अस्पताल में ड्यूटी कर मरीजों का उपचार भी कर रहे हैं। 

31 जूनियर डॉक्टरों ने पदभार ग्रहण किया था

31 जूनियर डॉक्टरों ने पदभार ग्रहण किया था, इन्हें मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई शुरू होने पर छात्रों की उपस्थिति के साथ विभागाध्यक्ष के सहायक के रूप में कार्य करना था। इन जूनियर डॉक्टरों में छह डॉक्टर पदभार ग्रहण करने के बाद अनुपस्थित हैं। हाल ही में लखनऊ से इलाज करा कर लौटे प्राचार्य ने इन डॉक्टरों की उपस्थिति पंजिका देखी तो चार डॉक्टर लंबे समय से अनुपस्थित मिले। इस मामले में चारो डॉक्टरों डॉ. अविनाश कुमार सिंह, डॉ. अनुज मौर्या, डॉ. अमित कुमार और डॉ. सुधीर कुमार को  नोटिस जारी कर अनुपस्थिति के बाबत जवाब मांगा गया है। इसके अतिरिक्त दो डॉक्टर अवनीश कुमार एवं राजीव गुप्ता पूर्व में इस्तीफा दे चुके हैं।
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पदभार ग्रहण कर बिना बताए अनुपस्थित रहने वाले दो जूनियर डॉक्टरों ने इस्तीफा दे दिया है। जबकि चार डॉक्टरों के अनुपस्थित रहने पर उन्हें नोटिस जारी की गई है। अगर उनके द्वारा कोई जवाब नहीं दिया जाता है तो वह स्वत: बाहर समझे जाएंगे। सूची तैयार की जा रही है। - डॉ. राजेश सिंह, सीएमएस जिला अस्पताल। 

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