वाराणसी जिले में हेड कांस्टेबल के आत्महत्या के मामले में पांच दिन बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। उसने सुसाइड नोट में अपनी पत्नी व सास-ससुर को आत्महत्या का जिम्मेदार ठहराया था।
वाराणसी जिले में भटपुरवा खुर्द गांव निवासी हेड कांस्टेबल ओंकार पटेल की आत्महत्या के मामले में नामजद आरोपियों के खिलाफ पांच दिन बाद गुरुवार को भी चोलापुर थाने की पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। जबकि, ओंकार की आत्महत्या की जानकारी पाकर उसके घर ढांढ़स बंधाने आए आजमगढ़ के आईजी रेंज अखिलेश कुमार ने पुलिस के स्तर से प्रभावी तरीके से कार्रवाई का आश्वासन दिया था।
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यह है मामला
आजमगढ़ के आईजी रेंज कार्यालय में तैनात रहा ओंकार पटेल गत 27 अप्रैल को भटपुरवा खुर्द स्थित अपने घर में फंदे के सहारे लटका मिला था। सुसाइड नोट में उसने आत्महत्या के लिए बड़ालालपुर की रहने वाली पत्नी ज्योति पटेल, सास कुसुम देवी और ससुर जय प्रकाश पटेल को जिम्मेदार ठहराया था।
लिखा था कि मेरी नौकरी का लाभ ज्योति को न मिले। ओंकार के पिता रामलखन पटेल की तहरीर पर पत्नी और सास-ससुर के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में चोलापुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। बावजूद चोलापुर थाने की पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। ओंकार के परिजन पुलिस की कार्यशैली से दुखी हैं। थाना प्रभारी चोलापुर अतुल सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।