वाराणसी व्यापार मंडल के अध्यक्ष अजीत सिंह बग्गा ने कहा कि यह जरूरी था। उचित समय पर सरकार ने उचित निर्णय लिया है। वहीं व्यापारियों का भी ध्यान रखना चाहिए।
महानगर उद्योग व्यापार समिति के अध्यक्ष प्रेम मिश्रा ने कहा कि रात्रिकालीन कर्फ्यू एक ऐसा मुद्दा है जिससे व्यापाररी समुदाय चिंताजनक स्थिति में आ जाता है। लेकिन जीवन बचने से ही जिविका बचेगी, ऐसा मेरा मानना है। साथ ही सुरक्षित रहना एक महत्त्वपूर्ण निर्णय होगा। जो सबके हित में होगा।
टूरिज्म वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल मेहता ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा रात्रि कर्फ्यू लगाए जाने का स्वागत है। शादी समारोह समेत अन्य आयोजनों में लोगों की संख्या की सीमित गई है। जिसका असर होटलों में होने वाले नववर्ष और आगामी जनवरी- फरवरी की शादियों पर पड़ेगा। तीसरी लहर की आहट से ही पर्यटन उद्योग के लिए चिंता का विषय है।
टूरिज्म वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल मेहता ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा रात्रि कर्फ्यू लगाए जाने का स्वागत है। शादी समारोह समेत अन्य आयोजनों में लोगों की संख्या की सीमित गई है। जिसका असर होटलों में होने वाले नववर्ष और आगामी जनवरी- फरवरी की शादियों पर पड़ेगा। तीसरी लहर की आहट से ही पर्यटन उद्योग के लिए चिंता का विषय है।
दी स्माल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश भाटिया ने कहा कि ओमिक्रॉन के बढ़ते खतरे को देखते हुए रात्रिकालीन कर्फ्यू का निर्णय समसामयिक एवं महत्वपूर्ण कदम है। उद्यमी एवं व्यापारी कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने हेतु पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। सरकार को भी भीड़भाड़ वाले कार्यक्रम आयोजित करने से परहेज करना चाहिए।
महानगर उद्योग व्यापार समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष शोभनाथ विश्वकर्मा ने कहा कि रात्रि कर्फ्यू रात नौ बजे से सुबह पांच बजे तक हो। इसके साथ-साथ सप्ताह में रविवार पूरी तरह से लॉकडाउन हो तभी इस महामारी से बचा जा सकता है। दूसरी लहर से हम सभी को सबक लेना चाहिए। अगर हमें अपना व्यापार और परिवार को बचाना है तो हम सभी को अभी से ही तैयारी करनी होगी।
दी स्मॉल इंडस्ट्रीज़ एसोसिएशन के महामंत्री नीरज पारिख ने कहा कि नाइट कर्फ्यू अचानक लगा देने से जो थोड़ा बहुत व्यापार चल रहा था उसमें एकदम से कमी आ जाएगी क्योंकि शादी विवाह आयोजन में भी 200 लोगों की ही अनुमति है। डर के माहौल के चलते व्यापारी लोग माल कम खरीदेंगे। इसके लिए कोरोना प्रोटोकॉल की सावधानी का इस्तेमाल एवं पालन न होने पर उस पर कठोरता बरतने की जरूरत थी। साथ ही चुनावी रैलियों पर सख्ती से रोक लगाए जाने की आवश्यकता है। ऐसा ना हो कि दिन भर रैली हो और रात को सिर्फ कर्फ्यू लग जाए जिसका कोई मतलब नहीं रह जाएगा।
ओमिक्रॉन की दहशत और नाइट कर्फ्यू से जनवरी और फरवरी में जिले भर की 5000 शादियों पर ग्रहण लगता दिखाई दे रहा है। टेंट व कैटरिंग कारोबारियों से लेकर अन्य सजावट, फूल, बैंड, बाजा और आतिशबाजी वालों की भी मुश्किलें बढ़ गई हैं। क्योंकि शादी में अतिथियों की संख्या की बाध्यता के चलते अब हर कोई सिर्फ सादगी से ही शादी करना चाहेगा।
14 जनवरी के बाद से वैवाहिक लग्न शुरू हो रहा है। नववर्ष को लेकर होटलों और क्लबों में पार्टी पर भी ग्रहण लग गया है। रात्रि कर्फ्यू रहेगा तो मेहमान कैसे आएंगे, खुद वेडिंग कारोबार से जुड़े कारोबारियों और उनके कर्मियों को भी आवाजाही में दिक्कत आएगी।
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