एंबुलेंस से अस्पताल ले जाए जाते मरीज।
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कोरोना को मात देकर लौटी व्यापारी की पोती आइसोलेशन वार्ड में भी सिविल सर्विसेज की तैयारी करती रही। तैयारी में कोई रुकावट न आए, इसके लिए वह घर से अपना लैपटॉप भी लेकर गई थी। दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक करने वाली व्यापारी की पोती ने बताया कि इंटरनेट के माध्यम से सिविल सर्विसेज परीक्षा से जुड़े पेपर के पैटर्न की जानकारी सहित अन्य तैयारियां जारी रहीं।
इसके अलावा भाई भी कापी किताब लेकर गया था, जहां दोनों रोजाना घर की तरह पढ़ाई करते रहे। इसके पीछे बस यही उद्देश्य था कि हॉस्पिटल में किसी तरह का कोई तनाव न रहे। वहीं, कोरोना को मात देने वाली व्यापारी के बेटे ने बताया कि दिल्ली से बाबूजी की मेदांता हॉस्पिटल में जांच कराकर लौटने के बाद महमूरगंज स्थित अस्पताल में आंख की जांच कराने गए। इसके बाद गैलेक्सी अस्पताल गए, जहां डाक्टरों ने निमोनिया होने की जानकारी देते हुए जांच कराने को कहा। इसके बाद से घर में पूरी सतर्कता बरती गई।