यहां बता दें कि सॉल्वर गैंग मामले की तफ्तीश में सितंबर में आयोजित हुई नीट की परीक्षा में सारनाथ के सोनातालाब स्थित परीक्षा केंद्र से पुलिस ने दूसरे अभ्यर्थी की जगह परीक्षा दे रही सॉल्वर गैंग की जूली बीएचयू के डेंटल कॉलेज में सेकेंड ईयर की छात्रा थी। जूली त्रिपुरा की अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देती पकड़ी गई।
इसके बाद पुलिस टीम ने आरोपी छात्रा की मां, भाई समेत बिहार के विकास महतो, फोटो एडिट करने वाला फोटोशॉपर राजू समेत करीब छह लोगों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में गैंग का लीडर बिहार निवासी पीके उर्फ प्रेमकुमार नीलेश का नाम सामने आया था। पुलिस कमिश्नर ए सतीश गणेश ने बताया कि पुलिस की रिपोर्ट पर यह कार्रवाई हुई है।
नीट परीक्षा के पेपर लीक मामले में सॉल्वर गैंग के सरगना पीके उर्फ नीलेश कुमार की अग्रिम जमानत न्यायालय ने खारिज कर दी है। इसके साथ ही गैंग के सदस्य आरोपी राजू सोनकर की भी जमानत अर्जी खारिज कर दी। आरोपी पर फोटो मिक्स कर फर्जी दस्तावेज तैयार करने का आरोप है।
पुलिस का आरोप है कि हर प्रवेश पत्र तैयार करने पर दो हजार रुपये लेता था। डीजीसी आलोक चंद्र शुक्ल के मुताबिक, आरोपी को सॉल्वर गैंग का सक्रिय सदस्य पाते हुए प्रभारी सत्र न्यायाधीश पुष्कर उपाध्याय की अदालत ने जमानत अर्जी खारिज कर दी।
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