इसके लिए 25 से 30 लाख रुपये की डील हुई थी। ओसामा के कहने पर बिहार के खगड़िया निवासी विकास महतो ने बीएचयू की बीडीएस छात्रा जूली कुमारी के भाई अभय प्रताप को पांच लाख रुपये का लालच देकर बहन को सॉल्वर बनने के लिए तैयार कराया था।
त्रिपुरा की रहने वाली मूल अभ्यर्थी हिना विश्वास की जगह पर ओसामा ने जूली कुमारी को परीक्षा में बैठाया था। इस मामले में पुलिस ने जूली कुमारी, मां बबिता, भाई अभय कुमार, ओसामा शाहिद, विकास महतो और राजू कुमार को गिरफ्तार किया था। सभी आरोपी इस समय जिला जेल चौकाघाट में बंद है। इस आधार पर एक रिपोर्ट केजीएमयू के कुलपति को भेजी गई है।
पिछले पांच-छह साल से सॉल्वर गैंग को विस्तारित करने वाले मास्टरमाइंड पटना निवासी पीके उर्फ निलेश कुमार के खिलाफ कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी कर रखा है। पुलिस की एक टीम उसके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। पीके के अलावा छह और आरोपियों की तलाश पुलिस टीम को है। पुलिस को आशंका है कि पीके पूर्वोत्तर राज्य में छिपा हुआ है।
पढ़ेंः एनटीपीसी के रिटायर्ड कर्मी हत्या मामला: करोड़ों की संपत्ति हथियाने के लिए की गई थी हत्या, पुलिस ने कोर्ट में दाखिल की चार्जशीट
पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने बताया कि सॉल्वर गैंग के संपर्क में आए 16 अभ्यर्थियों को नोटिस जारी किया गया है। उन्हें 15 नवंबर तक अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया है। यदि अभ्यर्थी अपना पक्ष रखने के लिए नहीं आते हैं तो फिर कोर्ट के माध्यम से कार्रवाई की जाएगी। यदि अभ्यर्थी आते हैं तो उनके फिंटर प्रिंट का मिलान किया जाएगा। फिंगर प्रिंट के परीक्षा के लिए लखनऊ स्थित फिंगर प्रिंट ब्यूरो को भेजा जाएगा। त्रिपुरा, भोजपुर, पटना, झांसी, लखनऊ, सोनभद्र के अभ्यर्थी रहने वाले हैं।