नीट परीक्षा फर्जीवाड़ा मामले में सॉल्वर गैंग से जुड़े 25 अभ्यर्थियों की पहचान वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस ने उजागार की है। परीक्षा फार्म से उनके फिंगर प्रिंट और अन्य विवरण लेकर पुलिस ने परीक्षा कराने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) को परिणाम रोकने के लिए पत्र भी भेजा है। सभी अभ्यर्थी बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और उड़ीसा सहित अन्य शहरों के रहने वाले हैं। पुलिस की तीन टीमें जल्द ही इन शहरों के लिए भेजी जाएगी। वहीं फरार मास्टरमाइंड के ऊपर इनाम घोषित करने की तैयारी है।
इस केस की तफ्तीश में जुटी कमिश्नरेट पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई तो परीक्षा केंद्र से छात्र-छात्राओं का विवरण लिया गया। फोरेंसिक टीम ने छानबीन की तो 25 अभ्यर्थियों के फोटो और नाम में हेरफेर समझ में आया। एनटीए के डायरेक्टर को कमिश्नरेट पुलिस ने पत्र भेजा है। पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने बताया कि मुकदमे की विवेचना करते हुए साक्ष्य इकट्ठा किए जा रहे हैं, मामले में फरार चल रहे आरोपियों की ठोस साक्ष्य के आधार पर पुलिस उनकी अग्रिम जमानत नहीं होने देगी। जल्द ही अन्य प्रदेशों में विवेचना के लिए टीमें भेजी जाएंगी।
ये है मामला
सारनाथ थाना अंतर्गत सोनातालाब स्थित एक स्कूल में 12 सितंबर को आयोजित नीट परीक्षा में सॉल्वर गैंग पकड़ा गया था। त्रिपुरा की रहने वाली हिना विश्वास की जगह पर परीक्षा दे रही बीएचयू बीडीएस छात्रा जूली कुमारी को केंद्र से और उसकी मां बबीता मेहता को केंद्र के बाहर से गिरफ्तार किया था। सॉल्वर गैंग की कमान संभालने वालेकेजीएमयू कॉलेज के डॉ. ओसामा शाहिद, जूली का भाई अभय प्रताप और बिहार के खगड़िया निवासी विकास महतो, फोटोशॉप करने वाला राजू कुमार गिरफ्तार हुआ था। हालांकि गैंग का मास्टरमाइंड पटना निवासी निलेश कुमार उर्फ पीके, अभ्यर्थी त्रिपुरा निवासी हिना विश्वास और उसके पिता सहित अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी अब तक नहीं हो सकी है।
मां, बेटी और भाई संग दोस्त भी काट रहे जेल
सॉल्वर गैंग ने बिहार की रहने वाली जूली कुमारी और उसकी मां बबीता और भाई अभय कुमार को जाल में फंसाते हुए पांच-पांच लाख रुपये देने का सब्जबाग दिखाया था। बीएचयू बीडीएस की छात्रा जूली कुमारी को सॉल्वर बनने के लिए एडवांस में 50 हजार रुपये भी दिए थे। हालांकि पैसे की लालच में आकर जूली नीट परीक्षा में बैठी और गिरफ्तार हुई। बीएचयू ने भी उसे निलंबित कर दिया। वहीं बेटी जूली, मां बबिता और भाई अभय कुमार इस समय चौकाघाट जेल में बंद है। वहीं भाई अभय का दोस्त मऊ निवासी केजीएमयू के एमबीबीएस अंतिम वर्ष के छात्र डॉ. ओसामा शाहिद और बिहार का विकास महतो, बिहार का ही राजू कुमार भी जेल में निरूद्ध है।