शिवम के स्थान पर पहले धनंजय चौहान से बात तय हुई थी, इसीलिए शिवम का फार्म भरते समय धनंजय चौहान के साथ उसकी फोटो मिक्स कर फॉर्म भरा गया था लेकिन परीक्षा का समय आने पर धनंजय ने मना कर दिया तब मेरी फोटो मिक्स कर फर्जी आधार कार्ड तैयार कर नीलेश और विकास ने मुझे सॉल्वर के रूप में परीक्षा देने को कहा। हम लोगों के बीच दस लाख में बात तय हुई थी।
एडवांस में एक लाख मिले थे, जिसमें से 40 हजार मैंने व साठ हजार धनंजय ने लिए। शेष रुपए मुझे मिलने थे। वहीं आरोपी धनंजय चौहान ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2015 से पटना में रहकर नीट परीक्षा की तैयारी कर रहा था लेकिन कई बार परीक्षा देने के बाद भी चयन नहीं होने से वह पटना निवासी विकास महतो के संपर्क में आया, जिसनेनीलेश व अन्य लोगों से परिचय कराया।
वर्ष 2021 की नीट परीक्षा में इन लोगों ने मुझे शिवम मौर्या के स्थान पर सॉल्वर के रूप में परीक्षा देने के लिए कहा था, परीक्षा देने को तैयार हुआ तो मेरी फोटो मिक्स कर शिवम कुमार का फार्म भरा गया था लेकिन घर वालों के दबाव के कारण मैंने खुद नीट की परीक्षा दी थी। शिवम की जगह पर परीक्षा देने के लिए मैंने अपने दोस्त प्रमोद यादव को तैयार किया था।
नीट परीक्षा के बाद अगले माह बिहार कंबाइंड एंट्रेंस कॉप्टेटिव परीक्षा 2021 में अंकित कुमार के स्थान पर सॉल्वर के रूप में मैंने परीक्षा दी थी, उसी का एडमिट कार्ड व फर्जी आधार कार्ड मेरे पास से बरामद हुआ है। 12 सितंबर को सारनाथ स्थित परीक्षा केंद्र से सॉल्वर गिरोह की सदस्य जूली कुमारी और उसकी मां सहित गिरोह के मास्टरमाइंड पटना निवासी पीके सहित सत्रह आरोपियों को अब तक गिरफ्तार किया जा चुका है।