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Navratri 2024: काशी में वकीलों से चर्चा कर बनाया सुप्रीम कोर्ट सा पंडाल; मां दुर्गा सुनाएंगी महिषासुर को सजा

Sat, 28 Sep 2024 01:30 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

वाराणसी में नवरात्रि को लेकर शहर के विभिन्न स्थानों पर मां दुर्गा का पंडाल तैयार किया जा रहा है। गांव से लेकर शहर तक नवरात्रि की धूम है। इसी क्रम में अर्दली बाजार में सुप्रीम कोर्ट जैसा पंडाल बन रहा है। 
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अर्दली बाजार में बन रहा सुप्रीम कोर्ट जैसा पंडाल। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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माननीय न्यायाधीश महोदया माता जगदंबा पधार रही हैं। माता जगदंबा की जय। मां जगदंबा-केस की फाइल पेश की जाए। कार्तिकय जी-माननीय न्यायाधीश महोदया को मेरा प्रणाम। मां जगदंबा-कोर्ट की कार्यवाही शुरू की जाए। जी यह किसी कोर्ट के संवाद नहीं हैं। यह सभी संवाद अर्दली बाजार के पूजा पंडाल में श्रद्धालुओं को सुनने को मिलेंगे।

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अर्दली बाजार के जय माता दी स्पोर्टिंग क्लब के पूजा पंडाल को इस बार सुप्रीम कोर्ट का स्वरूप दिया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट में मां दुर्गा मुख्य न्यायाधीश के रूप में महिषासुर को फांसी की सजा सुनाएंगी। वकीलों से सलाह लेने के बाद पूजा समिति ने लाइट एंड साउंड शो का पूरा संवाद तैयार कराया है। पूरे पंडाल को अदालत का रूप दिया जा रहा है और साइड वाल में कोर्ट की तस्वीरें लगाई जा रही हैं। 

मां सरस्वती और भगवान गणेश जूनियर जज के रूप में नजर आएंगे। भगवान कार्तिकय वकील के रूप में बहस करेंगे। इसके अलावा दूसरी सभी मूर्तियों को जज की वेशभूषा में सजाया जा रहा है। छह मिनट के शो के दौरान समाज में महिलाओं के साथ गलत व्यवहार करने वाले महिषासुर को फांसी की सजा सुनाएंगी और उसे पंडाल में ही फांसी पर लटकाया जाएगा। 40 फीट ऊंचे और 20 फीट लंबे पंडाल में सभी मूर्तियां स्वचालित रहेंगी। पूजा समिति के मिहिर ने बताया कि इस बार हम लोग पूजा पंडाल के जरिए महिला सशक्तिकरण का संदेश देंगे।  
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मां कामाख्या, द्वारिकाधीश के विराट रूप में दिखेंगी प्रतिमाएं

इस बार दुर्गापूजा में मां विभिन्न स्वरूपों में दिखेंगी। मां कामाख्या, द्वारिकाधीश और हंसते हुए मुद्रा में दिखाई देंगी। मां काली के विराट स्वरूप और रथ पर सवार होकर राक्षसों का वध करते हुए भी दिखाई देंगी। इस बार पूजा समितियां अलग-अलग थीम पर मूर्तियां बनवा रही हैं। खोजवां मूर्ति कारखाने के मूर्तिकार अभिजीत विश्वास ने बताया कि शहर में दो दर्जन से अधिक नामचीन पूजा पंडाल हैं, जिनकी प्रतिमाएं हर साल अलग-अलग थीम पर वनती हैं। पानी के अंदर मां दिखाई देंगी। मां हंसते हुए झूले पर झूलते और मां काली की विराट रूप के समक्ष भगवान शिव तांडव की मुद्रा में दिखेंगी।
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