तय समय के भीतर कार्यकारिणी व सदन के समक्ष बांड का प्रारूप पेश नहीं होने की स्थिति में बांड जारी करने में देरी हो सकती है। क्योंकि जो शर्तें हैं उसके तहत बांड के लिए चयनित योजना को हर हाल में कार्यकारिणी व सदन के सदस्यों के समक्ष पेश करके उसे पास कराना है। जो बांड के लिए शासन ने चरणबद्ध रोडमैप जारी किया है उसमें नगर निगम की ओर से शिथिलता बरती जा रही है।
योजना की सूची को हर हाल में 15 जुलाई तक कार्यकारिणी व सदन से पास करा लेने का फरमान था, लेकिन कार्यकारिणी के समक्ष पेश करने की बात तो दूर अभी तक योजना का चयन भी नगर निगम ने नहीं किया है।