कोरोना की दूसरी लहर पहली के मुकाबले ज्यादा प्रभावी थी। इसमें न केवल संक्रमित मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ बल्कि मौतों का ग्राफ भी तेजी से बढ़ा। तेजी से बढ़ती संख्या के बाद शासन ने डेथ ऑडिट का निर्णय लिया था। इसमें स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना से होने वाली मौतों में कार्डियक अरेस्ट सहित अन्य बीमारियों को वजह बताया है। आंकड़ों के हिसाब से दूसरी लहर में सबसे अधिक अप्रैल में जहां सर्वाधिक 42,740 मरीज मिले। वहीं, मई में 199 मरीजों ने जान गंवाई।
सीएमओ डॉ. वीबी सिंह ने कहा कि कोरोना काल में अस्पतालों में भर्ती मरीजों का हर संभव बेहतर इलाज किया गया। इस दौरान अलग-अलग बीमारियों से मरीजों की मौत हुई। फिलहाल इस महीने किसी मरीज की मौत नहीं हुई है। संभावित तीसरी लहर से निपटने के सभी इंतजाम है।