कहा, मुगल अत्याचार से बने थे मुस्लिम
पहले से ही हमारे घर में रामचरित मानस,श्रीमद् भागवत हैं।हम सभी धर्मो का समान रूप से पूजन और अध्ययन भी करते थे। हम 2006 से सनातन धर्म में वापसी करने के लिए लगे थे, लेकिन धर्म के ठेकेदारों द्वारा हम लोगों को प्रताड़ित किया गया।
यह लंबी लड़ाई लड़ते हुए 30 जून को हमने परिवार सहित अपने सनातन धर्म में पूर्ण रूप से वापसी कर ली है। अब अपने घर में आने के बाद सुकून महसूस हो रहा है।उन्होंने नसीहत भरे अंदाज में कहा कि जो लोग हमें दोषी ठहरा रहे थे।अब वह भी अपना पुराना इतिहास एवं कुर्सी नामा देखेंगे तो सनातन के प्रति आकर्षित हो जाएंगे।
हमारे घर के अन्य सदस्यों के अंदर भी धीरे-धीरे सनातन धर्म के प्रति उनका विश्वास बढ़ता जा रहा है और मुझे आशा है कि मेरे आस-पास एवं रिश्तेदार नातेदार सब लोग आने वाले समय में सनातनी बन जाएंगे। प्रयास करूंगा कि अपने पूर्वजों का इतिहास और कुर्सीनामा निकाल कर सबके सामने रख सकूं ताकि लोग सच्चाई समझ सकें।
मुस्लिम धर्म से सनातन धर्म अपनाने वाले दंपति ने बताया कि छह पीढ़ी पहले मुगल साम्राज्य के अत्याचार से पूरे परिवार ने मजबूरी में मुस्लिम धर्म अपनाया था। अब उन्हे मुगल साम्राज्य के अत्याचार के दौरान धर्म परिवर्तन की बात पता चली तो अपने वास्तविक धर्म में लौटने का निर्णय लेते हुए राजसूत्र पीठ से संपर्क किया। ऐसे में आर्य समाज मंदिर में वैदिक विधि से सनातन धर्म में वापसी की है।