एनडी तिवारी के गले में लगी गोली का पोस्टमार्टम में पता नहीं लगा। इस वजह से शव को पोस्टमार्टम हाउस से मंडलीय अस्पताल में एक्सरे के लिए भेजा गया। वहां से शव आने के बाद पोस्टमार्टम में देरी होने लगी तो मौजूद लोगों ने हो-हल्ला शुरू कर दिया। इसके बाद जाकर फिर पोस्टमार्टम शुरू हुआ। देर शाम पोस्टमार्टम होने के बाद शव परिजनों को सौंपा गया तो हरिश्चंद्र घाट पर अंत्येष्टि की गई।
अंतिम संस्कार में समाज के अलग-अलग वर्ग के कई संभ्रांत लोग मौजूद रहे। उधर, राजस्थान में पढ़ने वाला एनडी तिवारी का बेटा हर्ष आया तो उसका रोना देख पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद लोगों की आंखें भी डबडबा उठीं। इसके साथ ही एनडी तिवारी की पत्नी सुमन और दोनों बेटियों की हालत बेसुधों जैसी थी। परिजनों ने बताया कि दोनों बेटियों की शादी हो चुकी है। वहीं, एनडी तिवारी के छोटे भाई डीपी तिवारी को परिजन बड़ी ही मुश्किल से संभाले हुए थे।
जमीन से जुड़े दो विवाद अहम
एनडी तिवारी की हत्या में पुलिस कुरहुआ और चंदौली जिला स्थित दो जमीन से जुड़े विवाद को अहम मान कर जांच कर रही है। चर्चा यह भी है कि चंदौली की जमीन से पीछे हटने के लिए एक कुख्यात शूटर ने भी एनडी तिवारी को फोन कर धमकाया था। इसके अलावा डीपी तिवारी ने पुलिस को बताया कि कुरहुआ स्थित जमीन के विवाद को लेकर गया पांडेय के सामने आरोपी नीरज पांडेय ने कहा था कि एनडी तिवारी की गोली मार कर हत्या कर दूंगा।
एनडी तिवारी और नीरज पांडेय के परिवार के लोगों के बीच जमीन विवाद को लेकर पहले से मुकदमेबाजी भी चल रही थी। रोहनिया थाने की पुलिस का कहना है कि जमीन की खरीद-बिक्री का काम करने के कारण और पैसे के लेनदेन के कारण एनडी तिवारी की तमाम लोगों से रंजिश थी। मगर, हाल के दिनों के यही दो अहम विवाद थे। तफ्तीश कर वारदात की गुत्थी सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है।