चंदौली में गंगा में मिले शव।
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गाजीपुर में इससे पहले 123 शव दफनाए
गाजीपुर जिले में करंडा थाना क्षेत्र के धरम्मपुर गंगा के किनारे 123 शव मिले थे। शवों की संख्या अधिक होने पर खुदाई के लिए मंगलवार दोपहर में पोकलेन बुलानी पड़ी थी। इस दौरान लोगों को उधर जाने से रोक दिया गया था। इसी तरह सेवराई तहसील के नरवा घाट, सोझवा घाट, पंचमुखी घाट और बुलाकिया दास मठिया घाट के शवों को सोमवार देर रात से लेकर सुबह आठ बजे तक दर्जनों कर्मचारियों, ग्रामीणों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं के सहयोग से किनारे ही गड्ढा खोदकर दफना दिया गया।
चंदौली में चार शव मिले
चंदौली जिले के धानापुर के बड़ौरा गांव में गंगा तट पर गुरुवार की सुबह गांव के लोगों ने कई शव देखे। लोगों ने बताया कि शवों में प्लास्टिक लिपटी हुई थी। सूचना के बाद हड़कंप की स्थिति बन गई। मौके पर स्थानीय पुलिस के अलावा, एडीओ पंचायत, लेखपाल पुलिस फोर्स के साथ पहुंच गए। गंगा किनारे पर कुल चार शव मिले हैं। पुलिस सफाईकर्मियों की मदद से प्रशासन शव को दफनाने का प्रबंध कर रही थी।
वाराणसी में सुजाबाद में शव निकालने के लिए पहुंचे गोताखोर।
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वाराणसी में मिले पांच शव
वाराणसी के रामनगर थाना इलाके में गुरुवार को पांच शव गंगा में उतराए मिले। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची रामनगर थाने की सुजाबाद चौकी पुलिस शवों को बाहर निकालने की तैयारी में है। गोताखोरों को बुला लिया गया है। पुलिस के अनुसार सभी शव लगभग 60 फीसदी तक जले हुए हैं। इन शव को गंगा से निकालने के बाद पास में ही कहीं दफनाया जाएगा।
बलिया में 17 शव मिले
बलिया जिले के थाना नरही क्षेत्र अंतर्गत बलिया-बक्सर पुल के नीचे गंगा नदी के तट पर सोमवार की शाम को कुछ दिन पुराने क्षत-विक्षत अज्ञात शव मिलने की सूचना मिली थी। इसकी जांच उपजिलाधिकारी तथा क्षेत्राधिकारी सदर द्वारा की गई। जिलाधिकारी अदिति सिंह ने कहा कि सभी शवों का उचित तरीके से गंगा नदी के तट पर ही पुलिस एवं प्रशासन की उपस्थिति में अंतिम संस्कार करा दिया गया। उक्त शवों के आने के स्रोत की जांच की जा रही है। बताया जाता है कि गंगा किनारे कोटवा नारायणपुर से लेकर मांझी घाट तक कमावेश यही स्थिति है। मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने भरौली व उजियार घाट पर कुल 17 शवों को दफनाया।