70% मामले प्रेम प्रसंग से जुड़े
पिछले छह महीनों में टावर पर चढ़ने की 43 घटनाओं में लगभग 70 प्रतिशत मामले प्रेम-प्रसंग और शादी की मांग से जुड़े थे, जबकि 15 प्रतिशत घटनाएं जमीन और राजस्व विवाद से संबंधित रहीं। बाकी मामले पैसों के लेनदेन, नियुक्ति और अन्य समस्याओं से जुड़े रहे। 32 मामलों में पुरुष, जबकि 12 मामलों में महिलाएं अपनी मांग मनवाने के लिए टावर पर चढ़ीं। महिलाओं ने प्रेम विवाह, पति से विवाद और पारिवारिक दबाव होने पर यह कदम उठाया।
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व्यवस्था पर घट रहा भरोसा
महात्मा गांधी सती स्मारक महाविद्यालय गाजीपुर की मनोविज्ञान की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. श्वेता का कहना है कि टावर पर चढ़ने की बढ़ती घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि लोग अपनी समस्याओं के समाधान के लिए पारंपरिक व्यवस्था पर भरोसा खोते जा रहे हैं। कई मामलों में लोग यह मानने लगे हैं कि जब तक कोई सनसनीखेज कदम नहीं उठाया जाएगा, तब तक उनकी बात नहीं सुनी जाएगी।
अधिकारी बोले
जब कोई एक मामला किसी तरह का होता है तो लोगों को लगता है कि यही अपनी बात मनवाने का तरीका है। इससे पुलिस व प्रशासन परेशान होते हैं। अगर वाजिब मांग है तो भी सीधे संपर्क करना चाहिए। यह तरीका अच्छा नहीं है। इसे लोगों को खुद ही समझना होगा। -अभिनव त्यागी, एसपी भदोही