केस-1
दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल परिसर में एमसीएच विंग के गेट के पास 102 नंबर की एंबुलेंस लंबे समय से खड़ी है। इसके आगे और पीछे का एक-एक पहिया पंक्चर है। बाहरी तौर पर वाहन की स्थिति सामान्य दिखाई देती है। इसी मार्ग से प्रतिदिन सीएमएस, डॉक्टर और कर्मचारी गुजरते हैं, लेकिन अब तक इसकी मरम्मत की ओर ध्यान नहीं दिया गया।
केस-2
जिला महिला अस्पताल, कबीरचौरा में एसआईसी कार्यालय के सामने 102 नंबर की एंबुलेंस कई दिनों से एक ही स्थान पर खड़ी है। इसके दो पहिये पंचर हैं। वाहन की अन्य स्थिति ठीक दिखाई देती है। यदि इसका पंक्चर बनवा दिया जाए तो इसे मरीजों की सुविधा के लिए फिर से संचालित किया जा सकता है।
केस-3
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिवपुर में आसपास के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से भी मरीज रेफर होकर आते हैं। यहां परिसर में 108 नंबर की एंबुलेंस महीनों से खड़ी है। पहले इसका पिछला पहिया पंचर हुआ था। समय पर मरम्मत न होने के कारण वाहन की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है।
ये भी जानें
- 108 नंबर : 28
- 102 नंबर : 38
अधिकारी बोले
सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर जहां भी एंबुलेंस पंक्चर या खराब हालत में खड़ी हैं, उनकी मरम्मत कराना एंबुलेंस संचालन करने वाली सेवा प्रदाता कंपनी की जिम्मेदारी है। इस संबंध में संबंधित कंपनी के अधिकारियों से बात कर व्यवस्था को जल्द दुरुस्त कराया जाएगा। -डॉ. एनडी शर्मा, अपर निदेशक, स्वास्थ्य