केंद्रीय सांस्कृतिक राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी ने बुधवार को पुरातत्व संग्रहालय का दौरा किया। उन्होंने गुप्त कालीन मूर्तिकला की तारीफ की और अधिकारियों को जिम्मेदारी पूर्वक कार्य करने का निर्देश दिया।
केंद्रीय मंत्री संग्रहालय के मुख्य भाग में रखें गुप्तकालीन अशोक स्तंभ को देखकर आश्चर्र्यचकित हो गईं। मंत्री ने मूर्ति की बनावट और पॉलिश देख कहा कि यह भारतीय कला की विशेषज्ञता की थाती है। संग्रहालय भ्रमण के दौरान मीनाक्षी लेखी ने संग्रहालय में मूर्तियों की देखरेख की जानकारी ली। उन्होंने करीब आधे घंटे भ्रमण के बाद यहां आने वाले पर्यटकों को अधिक से अधिक जानकारी देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा, सांस्कृतिक मंत्रालय इसीलिए बना है कि हम अपने धरोहर व अपने इतिहास को सजा कर आने वाली पीढ़ियों को दे सकें।
चीनी मिट्टी से बने उपहार को किया अस्वीकार
मीनाक्षी लेखी ने बुधवार को पुरातत्व विभाग के कर्मचारियों द्वारा चीनी मिट्टी से निर्मित उपहार स्वीकार करने से इनकार कर दिया। पुरातात्विक खंडहर परिसर प्रवेश द्वार पर मंत्री को विभाग द्वारा भगवान बुद्ध की काले रंग की प्रतिमा भेंट की गई। मंत्री ने पूछा कि यह कहां से बनकर आया है और किस प्रकार की सामग्री का प्रयोग हुआ है। अधिकारी ने बताया कि यह चीनी मिट्टी से बना हुआ है, इस पर मंत्री ने उपहार अस्वीकार करते हुए अधिक से अधिक स्थानीय वस्तुओं का प्रयोग करने का निर्देश दिया।