शनिवार तक 12115 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराने के बाद फीस का भुगतान किया था। जबकि विश्वविद्यालय के मुख्य कैंपस में यूजी-पीजी की लगभग 8000 सीटें हैं। कम आवेदनों के कारण 63 में से महज 14 पाठ्यक्रमों में सीटों के दोगुने से अधिक आवेदन आ पाए और उनमें प्रवेश परीक्षा के जरिये प्रवेश लेने का मानक पूरा हो पाया। शेष पाठ्यक्रमों में आवेदनों की संख्या कम होने के कारण मेरिट पर दाखिला लेने की स्थिति बन गई है।
इस पर विचार के लिए शनिवार को कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी की अध्यक्षता में प्रवेश समिति की बैठक हुई। इसमें सीयूईटी के रिजल्ट के इंतजार और अन्य संस्थानों में प्रवेश के लिए परिणाम का इंतजार कर रहे छात्र-छात्राओं को मौका देने की खातिर विश्वविद्यालय ने आवेदन की अंतिम तिथि 30 जून को बढ़ाकर 10 जुलाई कर दी।
विवि की वेबसाइट
www.mgkvp.ac.in पर उपलब्ध लिंक के जरिये ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। कुलपति प्रो. त्यागी ने कहा कि इससे बच्चों को थोड़ा मौका और मिल जाएगा और उनका साल बेकार होने से बच जाएगा।
आवेदन बढ़े, बीए में प्रवेश के लिए देनी होगी एंट्रेंस
तीन दिन के अंदर आवेदनों की संख्या बढ़ने से बीए की प्रवेश प्रक्रिया नॉन एंट्रेंस कैटेगरी से निकलकर अब एंट्रेंस कैटेगरी में आ गई है। यानी अब काशी विद्यापीठ के बीए पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने के लिए प्रवेश परीक्षा से गुजरना होगा। गत 25 जून तक बीए की 1100 सीटों के मुकाबले महज 2017 आवेदन आए थे। इससे बीए में प्रवेश एंट्रेंस के बजाय मेरिट के आधार पर रखा गया था, लेकिन 28 जून तक बीए में आवेदनों की संख्या 2585 पहुंच गई। सीटों के दोगुने से ज्यादा आवेदन होने के कारण विश्वविद्यालय अब नियम के मुताबिक बीए में प्रवेश के लिए प्रवेश परीक्षा कराएगा।
क्या बोले अधिकारी
स्नातक और स्नातकोत्तर में प्रवेश के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 10 जुलाई तक बढ़ाई गई है। छात्रहित को देखते हुए प्रवेश समिति के साथ बैठक में यह फैसला लिया गया है।
- प्रो. एके त्यागी, कुलपति, काशी विद्यापीठ