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वाराणसी एयरपोर्ट के आसपास मीट-मांस की दुकानें: कई बार हुई बर्ड हिट की घटनाएं, फिर भी नहीं बदली व्यवस्थाएं

Thu, 07 Apr 2022 03:50 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

वाराणसी के बाबतपुर स्थित लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर सुरक्षा को लेकर लापरवाही की जा रही है। ऐरोब्रिज और विमान पर अब भी पक्षी बैठे दिख जाते हैं। 
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वाराणसी एयरपोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पर्यटकों से गुलजार रहने वाले वाराणसी के बाबतपुर स्थित लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर सुरक्षा को लेकर लापरवाही की जा रही है। यहां आसमान में सुरक्षा को लेकर किए जा रहे प्रयास अब भी नाकाफी है। बर्ड हिट की घटनाएं रोकने के लिए बड़ा बजट भले ही खर्च किया जा रहा है मगर, टर्मिनल बिल्डिंग तक पहुंच रहे पक्षी खतरा बन सकते हैं।

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ऐरोब्रिज और विमान पर अब भी पक्षी बैठे हुए मिल रहे हैं। एयरपोर्ट पर तैनात कर्मचारियों का ध्यान पक्षियों पर नहीं जाता है। उसे हटाने की कोई जहमत नहीं उठाई जाती है। बर्ड हिट की कई घटनाएं होने के बावजूद लापरवाही बरती जा रही है। 

नियम के अनुसार एयरपोर्ट के आस पास मीट-मांस की दुकानें नहीं होनी चाहिए। इन्हें हटाने के लिए एयरपोर्ट प्रशासन की ओर से कई जिलाधिकारी को इसकी शिकायत भी की गई है। लेकिन अभी यहां पर धड़ल्ले से दुकानें संचालित हो रही हैं। मीट मांस के चक्कर में पक्षी रनवे के आसपास मौजूद रहते हैं।

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क्या है बर्ड हिट या बर्ड स्ट्राइक

आसमान में उड़ते विमान से पक्षी टकरा जाते हैं। इस घटना को बर्ड हिट या बर्ड स्ट्राइक कहते हैं। यह घटना विमान के टेक ऑफ या लैंडिंग के दौरान ज्यादा होती है। जब विमान टेक ऑफ या लैंड कर रहा होता है तो एयरपोर्ट के आसपास उड़ रहे पक्षियों के टकराने का खतरा ज्यादा होता है। पक्षी कम ऊंचाई पर उड़ रहे होते हैं इससे विमान चपेट में आ जाते हैं। इससे विमान को क्षति पहुंचती है और दुर्घटनाग्रस्त हो जाता है।

बर्ड हिट से बचाव के लिए एयरपोर्ट पर क्या है सुविधा

लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट - फोटो : Twitter: @AAIVNSAIRPORT
एयरपोर्ट पर इससे बचाव के लिए बर्ड स्केयरिंग डिवाइस, बर्ड चेजर, जोन गन के साथ ही पक्षियों को भगाने के लिए सायरन का प्रयोग किया जाता है। इसके साथ ही रनवे के आस पास जानवर ना आएं, इसके लिए कीटनाशक दवाओं का छिड़काव भी किया जाता है। विमान के टेक ऑफ व लैंडिंग के पहले एयरपोर्ट अथॉरिटी ते अधिकारियों द्वारा समीक्षा की जाती है।

एयरपोर्ट निदेशक अर्यमा सान्याल ने कहा कि हवाई अड्डे के आसपास जो मीट मांस की दुकानें संचालित हो रही हैं। इसके लिए प्रशासन से कई बार बात हुई। लेकिन अभी भी कोई बदलाव नहीं हुआ है। पुलिस को इससे ध्यान देना चाहिए।
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कब-कब हुई घटनाएं

नवंबर 2014 में स्पाइस जेट का विमान हैदराबाद से दिल्ली होते हुए 175 यात्रियों को लेकर वाराणसी पहुंचा। विमान से लैंडिग के दौरान अचानक चिड़िया टकराने से इंजन में खराबी आ गई थी। लेकिन पायलट ने अपनी सूझबूझ से विमान लैंड करा दिया जिससे यात्रियों को कोई नुकसान नहीं हुआ। 

2016 में गया से 43 यात्रियों को वाराणसी लेकर वाराणसी पहुंचा। यहां रनवे पर उतरने के दौरान एक पक्षी सामने से आकर विमान से टकरा गया था। इस दौरान पायलट ने सुरक्षित लैंडिग कराया था जिससे यात्रियों को कोई समस्या नहीं आई थी।

अप्रैल 2017 में दिल्ली से खजुराहो होते हुए 163 यात्रियों को लेकर वाराणसी हवाई अड्डे पर पहुंचे जेट एयरवेज एयरलाइंस के विमान से पक्षी टकरा कर इंजन में चला गया था। जिससे इंजन जाम हो गया था। पायलट ने अपनी चालाकी से विमान लैंड कराया था। जिससे यात्रियों को कोई खतरा नहीं हुआ था।

अक्टूबर 2019 में वाराणसी से 175 यात्रियों को लेकर दिल्ली जा रही इंडियो एयरलाइंस की विमान से पक्षी टकरा गया था। इस दौरान विमान की आपात काल लैडिंग कराई गई थी। जिससे यात्रियों को सही सलामत बचाया जा सका था। 
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