मौसम वैज्ञानिक प्रो. एसएन पांडेय ने बताया कि आने वाले दिनों में भी मौसम ऐसे ही रहेगा। मौसम विभाग की ओर से जारी आंकड़ों व तस्वीरों के अनुसार आसमान साफ है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि इस दौरान गर्म हवाओं का अंदेशा रहेगा और वातावरण में नमी का अभाव होगा। इसके कारण बादलों की सक्रियता होने के बाद भी बरसात की संभावना काफी कम है।
आने वाले दिनों में और भीषण गर्मी का दौर आएगा। मौसम विभाग की मानें तो पूरा पूर्वांचल भीषण लू की चपेट में रहेगा और तापमान सात से आठ डिग्री और बढ़ने की संभावनाएं हैं। समय से पहले लू के थपेड़े शुरू होने के कारण संभावना जताई जा रही है कि मानसून तय समय से पहले ही दस्तक देगा। इसके पूर्व अप्रैल और मई में गर्मी अपना प्रचंड स्वरूप दिखाएगी।
बदलते मौसम में चिकित्सक भी लोगों को धूप से बचने और शरीर में पानी की मात्रा कम न होने की सलाह दे रहे हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रमना के प्रभारी डॉ. शिवशक्ति प्रसाद द्विवेदी ने बताया कि गर्मी में डिहाइड्रेशन का खतरा अधिक रहता है। इससे बचाव के लिए चिकित्सक की सलाह पर पानी पीते रहने की जरूरत है। प्यास लगनेसे होंठ सूखना, थकान और सिर में दर्द, श्वास लेने में दिक्कत होना आदि डिहाइड्रेशन के लक्षण है। बताया कि किसी तरह की समस्या पर बिना चिकित्सकीय सलाह के दवा भी नहीं लेनी चाहिए।