केंद्र सरकार ने आजमगढ़ के रहने वाले राजनेता फागू चौहान को 20 जुलाई को बिहार का राज्यपाल घोषित किया। मऊ के घोसी विधानसभा सीट से विधायक फागू चौहान ने विधानसभा की सदस्यता से शुक्रवार को इस्तीफा दे दिया।
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मऊ की घोसी विधानसभा सीट से विधायक फागू चौहान ने शनिवार को विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित को इस्तीफा सौंप दिया। मूल रूप से आजमगढ़ के सेकपुरा गांव निवासी फागू चौहान का राजनीतिक करियर पड़ोसी जिले मऊ के घोसी विधानसभा सीट से शुरू हुआ, लेकिन विधायक व मंत्री के रूप में उन्होंने जिले के विकास में अपना योगदान दिया हुआ है।
केंद्र सरकार द्वारा उन्हें बिहार प्रांत का राज्यपाल बनाए जाने पर आजमगढ़ में खुशी का माहौल है। बिहार के राज्यपाल बनाए गए फागू चौहान के पिता खरपत्तू चौहान राजगीर मिस्त्री थे। आज एक राजगीर मिस्त्री का पुत्र बिहार के सर्वोच्च पद पर आसीन हुआ है।
राज्यपाल पद तक पहुंचने वाले आजमगढ़ जिले के दूसरे राजनेता
फागू चौहान आजमगढ़ के उन चुनिंदा नेताओं में शामिल हैं। जिन्हें राज्यपाल जैसा महत्वपूर्ण पद मिला है। फागू के पहले स्व. रामनरेश यादव मध्यप्रदेश के राज्यपाल पद पर आसीन होकर जिले का मान बढ़ा चुके हैं। रामनरेश यादव एक बार प्रदेश के मुख्यमंत्री भी रहे हैं।