बलिया जिले में इस बार विधानसभा चुनाव में कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है। फेफना विधानसभा क्षेत्र से अंबिका चौधरी, बांसडीह विधानसभा क्षेत्र से राम गोविंद चौधरी, बलिया नगर सीट से नारद राय, बेल्थरा सीट से घूरा राम समेत कई अन्य प्रत्याशी ऐसे हैं जो पिछले दो दशक से विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं।
इसमें कभी उन्हें मात खानी पड़ी तो कभी जनता ने सिर आंखों पर भी बैठाया। इस बार भी चुनावी दंगल में ताल ठोंक रहे हैं। उनके लिए जनता का विश्वास जीतना किसी चुनौती से कम नहीं है।
बलिया जिले के सातों विधानसभा सीटों पर चुनावी घमासान शुरू हो गया है। प्रत्याशियों की स्थिति साफ हो गई है। इस चुनाव में विभिन्न राजनीतिक दलों में आधा दर्जन से अधिक ऐसे प्रत्याशी हैं, जो पिछले दो दशक से विधानसभा चुनाव में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
बलिया विधानसभा सीट से बसपा प्रत्याशी नारद राय चुनाव मैदान में ताल ठोक रहे हैं। वह करीब तीन दशक से चुनावी राजनीति में सक्रिय हैं और कई बार चुनाव लड़े तथा जीते भी हैं। फेफना विधानसभा सीट से अंबिका चौधरी इस बार बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। वह इस सीट पर पिछले दो दशक से अधिक समय से चुनाव लड़ रहे हैं, जिसमें लगातार चार बार विधायक भी रहे हैं।
सपा-कांग्रेस गठबंधन में फेफना विस सीट से प्रत्याशी संग्राम सिंह यादव ताल ठोंक रहे हैं, जो चिलकहर विधानसभा सीट से विधायक रहे हैं। वह भी पिछले दो दशक से अधिक समय से राजनीति कर रहे हैं।
रसड़ा विधानसभा सीट की बात की जाए तो यहां भाजपा प्रत्याशी रामइकबाल सिंह हैं, जो पूर्व में चिलकहर सीट से चुनाव जीते थे। इस बार फिर चुनावी दंगल में ताल ठोंक रहे हैं।