महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ 10 फरवरी को 101वां स्थापना दिवस गौरव दिवस के रूप में मनाएगा। शताब्दी वर्ष के बाद आयोजित होने वाले स्थापना दिवस को भव्य स्वरूप देने के लिए समितियों का गठन किया गया। कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी के निर्देश पर आयोजनों की रूपरेखा तैयार की गई। व्यवस्था के लिए कोर कमेटी का भी गठन किया गया है।
कुलपति प्रो. एके त्यागी ने शुक्रवार को बताया कि समारोह के लिए 12 समितियों का गठन किया गया है। समारोह में झांकी, खेलकूद, सांस्कृतिक आयोजन समेत विविध प्रतियोगिताएं होंगी। आयोजन समिति, झांकी समिति, क्रीड़ा प्रतियोगिता समिति, पोस्टर प्रतियोगिता, वाद-विवाद, सांस्कृतिक कार्यक्रम संयोजन, अनुश्रवण समिति, तकनीकी और अनुशासन समिति का गठन किया गया है। कोर कमेटी में जनसंपर्क अधिकारी डॉ. नवरत्न सिंह, डॉ. अनिल कुमार चौधरी, डॉ. सूर्यनाथ सिंह शामिल हैं। काशी विद्यापीठ की स्थापना स्वतंत्रता संग्राम के असहयोग आंदोलन के समय 10 फरवरी सन 1921 को वसंत पंचमी पर बाबू शिवप्रसाद गुप्त द्वारा की गई थी। इसकी आधारशिला स्वयं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने रखी थी। राष्ट्ररत्न बाबू शिवप्रसाद ने काशी विद्यापीठ के लिए भूमि दान दी और दस लाख रुपये ेकर श्री हर प्रसाद शिक्षा निधि की स्थापना भी की थी। एक जुलाई 1963 में इसे विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा मानद विश्वविद्यालय घोषित किया गया। 15 जनवरी 1975 में इसे चार्टर्ड विश्वविद्यालय का दर्जा प्राप्त हुआ।
कोट
काशी विद्यापीठ पूर्वांचल का एक बड़ा विश्वविद्यालय है। पूरा विद्यापीठ परिवार इसका शताब्दी वर्ष पूर्ण होने के साथ-साथ आजादी के अमृत महोत्सव तथा इसकी गौरव गाथा का जश्न मनाएगा। प्रो. आनंद कुमार त्यागी, कुलपति