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Magh Month Festival List 2024:इस दिन शुरू हो रहा माघ महीना, 2 योग से बरसेगी भगवत कृपा; पड़ेंगे ये व्रत-त्योहार

Wed, 24 Jan 2024 07:47 PM IST
प्रगति चंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

माघ में 14 व्रत पड़ेंगे। साथ ही मौनी अमावस्या, वसंत पंचमी और माघी पूर्णिमा का विशेष स्नान होगा। इस बार माघ में बन रहे दो योग लाभकारी होंगे। स्नान-दान, देवों के पूजन से आरोग्य, सुख-सौभाग्य और अश्वमेघ यज्ञ के समान फल की प्राप्ति होती है।
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माघ में पड़ने वाले व्रत और त्योहार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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माघ मास 26 जनवरी से शुरू हो रहा है। इस पवित्र मास की महिमा अपार है। इसमें भगवान विष्णु, श्रीकृष्ण, सूर्यदेव और मां गंगा की पूजा का विधान है। स्नान-दान का विशेष महात्म्य है। मौनी अमावस्या, वसंत पंचमी, भगवान श्रीगणेश के जन्मोत्सव के साथ माघी पूर्णिमा का स्नान खास है। इस बार यह मास प्रीति योग और आयुष्मान योग से शुरू हो रहा है, जो काफी लाभकारी है।

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ऐसी मान्यता है कि माघ मास भर स्नान-दान कर देवों का पूजन-अर्चन करने से आरोग्य, सुख-सौभाग्य और अश्वमेघ यज्ञ के समान फल की प्राप्ति होती है। हिंदू पंचांग के अनुसार माघ मास का आरंभ पौष पूर्णिमा से शुरू होकर माघ पूर्णिमा पर समाप्त होता है।

ज्योतिषविद विमल जैन ने बताया कि स्कंद पुराण, पद्य पुराण में माघ मास का वर्णन आया है। इस बार यह मास का प्रारंभ पुष्य नक्षत्र, प्रीति योग और आयुष्मान योग में हो रहा है जो काफी फलदायी है। इस मास में सूर्य का चक्र बदल जाता है और दक्षिणायन से उत्तरायण हो जाते हैं। इसलिए सूर्यदेव की पूजा और आराधना से जीवन में पद और प्रतिष्ठा की प्राप्ति और मनोकामना पूर्ण होती है।

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उन्होंने बताया कि पौष मास की पूर्णिमा तिथि 25 जनवरी को रात में 11:24 बजे तक रहेगी। इसके बाद माघ मास लग जाएगा। इस मास की शुरुआत में ही पुष्य नक्षत्र, आयुष्मान योग और प्रीति योग लग रहा है। पुष्य नक्षत्र 25 जनवरी को सुबह 8:17 बजे से 26 को सुबह 10:29 बजे, प्रीति योग 25 को सुबह 7:32 बजे से 7:42 बजे तक और आयुष्मान योग 26 को सुबह 7:42 बजे से 27 जनवरी को सुबह 8:09 बजे तक रहेगा। इस मास में प्रयाग, हरिद्वार, वाराणसी, नासिक, उज्जैन जैसे पवित्र स्थलों पर स्नान व दान करने का महत्व है।

पूजा व दान का ये है विधान
माघ मास में गंगा स्नान का महत्व, गीता पाठ, सूर्यदेव की पूजा, तुलसी के पौधे की पूजा, तिल, गुड़ व आंवला से बनी चीजों का दान व सेवन करना चाहिए। इस मास में कल्पवास करना, नियम-संयम से हरने पर भगवान श्रीहरि विष्णु की कृपा होती है।
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ये हैं व्रत और त्योहार

  • संकष्टी श्रीगणेश चतुर्थी 29 जनवरी
  • षट्तिला एकादशी 6 फरवरी
  • तिल द्वादशी व प्रदोष व्रत- 7 फरवरी
  • मास शिवरात्रि व्रत- 8 फरवरी
  • मौनी अमावस्या 9 फरवरी
  • गौरी तृतीया- 12 फरवरी
  • वरद विनायक श्रीगणेश चतुर्थी- 13 फरवरी
  • बसंत पंचमी 14 फरवरी
  • अचला सप्तमी 16 फरवरी
  • दुर्गा अष्टमी 17 फरवरी
  • महानंदा नवमी- 18 फरवरी
  • जया एकादशी व भीष्म द्वादशी- 20 फरवरी
  • प्रदोष व्रत- 21 फरवरी
  • माघी पूर्णिमा व भैरव जयंती 24 फरवरी
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