आउटर रिंग रोड के पहले चरण में चंदौली जिले में 29 किलोमीटर फोरलेन आउटर रिंग रोड बनाई जाएगी।इसमें करीब 1400 करोड़ रुपये खर्च होंगे। लोक निर्माण विभाग इसके लिए तैयारी में जुटा है। विभाग को बजट कर इंतजार है। वहीं, अन्य जिलों की सड़कों के लिए फाइनल डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही है।
सड़क बनने से बढ़ेगा व्यापार
वाराणसी के आसपास के जिलों को जोड़ने के लिए बनाई जा रही आउटर रिंगरोड से व्यापार बढ़ेगा और आसपास के जिलों की भी अर्थव्यवस्था सुधरेगी। वाराणसी बड़ी-बड़ी मंडियों और बाजारों का गढ़ है। यहां प्रतिदिन पांच हजार से अधिक लोग अन्य जिलों से खरीदारी करने आते हैं। रिंगरोड बन जाने से वाराणसी की दूरी कम होगी व्यापार सुगम होगा।
इन रास्तों को जोड़ेगी आउटर रिंगरोड
वाराणसी के राष्ट्रीय राजमार्ग से चुनार- मीरजापुर एनएच-35, मीरजापुर से भदोही, जौनपुर होते हुए औराई वाया एनएच-135 ए, गाजीपुर से जमनिया होते सैयदरजा वाया एनएच-24, जौनपुर से लालगंज वाया एसएच-66ए, लालगंज से सादात वाया एमडीआर-153ई, सादात से गाजीपुर (जखनिया-गाजीपुर मार्ग), चकिया से चुनार (चकिया से अहरौरा मार्ग), चकिया से सैयदराजा ग्रीन फील्ड मार्ग, चकिया से सैयदराजा मार्ग।
क्या कहते हैं अधिकारी
आउटर रिंगरोड के प्रस्ताव को शासन ने हरी झंडी दे दी है। चंदौली के अलावा अन्य जिलों की डीपीआर की प्रक्रिया चल रही है। शासन से पहले चंदौली के लिए बजट की मांग की गई है। बजट मिलते ही निर्माण प्रक्रिया शुरू होगी। - एके द्विवेदी, मुख्य अभियंता, वाराणसी