नई सड़क स्थित प्राथमिक विद्यालय शेख सलीम फाटक को बाहर से देखने पर तो पता ही नहीं चल पाता है कि यह कोई सरकारी विद्यालय है। कारण है नई सड़क पर जूते, चप्पल व कपड़ों के लगने वाली स्थायी दुकानें हैं। विद्यालय की स्थिति भी बहुत ठीक नहीं है, गाडर के सहारे बनी विद्यालय की छत खतरे अहसास कराती है। खिड़की व दरवाजे भी खस्ताहाल हैं। वहीं विद्यालय से सटकर लगे बिजली के खंभे व तारों के जंजाल के बीच बच्चे पढ़ाई करने को मजबूर हैं।
दशाश्वमेध क्षेत्र के खारीकुंआ प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को बरसात के दौरान सिर छुपाने की थी जगह नहीं मिल पाती है। विद्यालय की छत व दीवारें जर्जर है। इसकी वजह से दीवारों में सीलन बनी रहती है और बारिश होने पर छत से पानी टपकता है। इसके नीचे बैठकर पढ़ना मुश्किल होता है। वहीं विद्यालय की टूटी हुई सीढ़ियाें के सहारे ही बच्चे अपने कक्षाओं में आते जाते हैं।