वाराणसी। द एसोसिएशन आफ फिजिशियन आफ इंडिया के वाराणसी चैप्टर के अधिवेशन काशीकॉन में हृदयाघात, रक्तचाप, मधुमेह व अस्थमा आदि बीमारियों के कारण और उसके उपचार की विधियों पर चिकित्सकों ने चर्चा की। वक्ताओं ने कहा कि जीवनशैली में सुधार से हृदयघात के खतरे को कम किया जा सकता है।
कैंटोंमेंट स्थित एक होटल में आयोजित अधिवेशन में आयोजन सचिव डॉ. आलोक कुमार सिंह ने हृदय रोग उसके जटिलताओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि हृदय रोग का सीधा संबंध जीवनशैली में सुधार से है। जीवनशैली में सुधार करके हृदयाघात के खतरे को कम किया जा सकता है। इस दौरान चिकित्सकों ने अपने शोध पत्र पढ़े।
डॉ. हेमंत गुप्ता ने ईआरसी पी तथा पैंक्रियाज के कैंसर के बारे में जानकारी दी। डॉ. उत्सव समरिया ने फेफड़े को स्वस्थ रखने की तरकीब सिखाई तो डॉ. प्रीति अग्रवाल ने रेटिना एवं डायबिटीज के बारे में बताया। डॉ. एके सिंह ने बढ़ती उम्र के साथ ही होने वाली बीमरियों के कारण और उसके उपचार की जानकारी दी। अधिवेशन में चिकित्सा विज्ञान संस्थान के पहले बैच के चिकित्सक और पूर्व निदेशक प्रोफेसर वीपी सिंह को लाइफ टाईम एचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन आयोजन समिति के चेयरमैन डॉ. मनोज कुमार श्रीवास्तव ,अतिथियों का स्वागत डॉ. गुलाब शंकर सिंह और धन्यवाद ज्ञापन आयोजन सचिव डॉ. आलोक कुमार सिंह ने किया।