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पूर्वांचल में कांग्रेस को झटका: ललितेश पति त्रिपाठी ने दिया पार्टी से इस्तीफा, मुश्किलों से घिरे पूर्व सीएम का बेटा तलाश रहा सियासी जमीन

Sun, 19 Sep 2021 11:55 AM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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ललितेश पति त्रिपाठी(फाइल फोटो) - फोटो : amar ujala
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ट्विटर पर यूपी के जिस नेता ललितेश पति त्रिपाठी को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, यूपी व इंडिया कांग्रेस और विधान परिषद दल के नेता दीपक सिंह फॉलो करते हैं, उन्होंने कांग्रेस को बाय-बाय कह दिया है। सूत्रों की मानें तो उनका रुख सपा की तरफ है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि किसी ने नहीं की। ललितेश वर्ष 2012-17 के बीच कांग्रेस के मड़िहान (मिर्जापुर) से विधायक रहे हैं।

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पूर्वांचल में कांग्रेस की धुरी रहे औरंगाबाद हाउस से निकल रही खबर सियासी महकमे में बड़े उथलपुथल के संकेत दे रही है। कांग्रेस से पूर्व विधायक ललितेश पति त्रिपाठी का साथ छोड़ना दशकों से जमी पूर्वांचल में पार्टी की जमीन खिसकना माना जा रहा है। वर्ष 2017 में चुनाव हारने के बाद से ही युवा ब्राह्मण चेहरा बने ललितेश लंबे समय से पूर्वांचल की राजनीति में खुद को अकेला महसूस कर रहे थे। मुश्किलों से घिरे ललितेश पर अब सियासतदां की नजरें टिकी हुई हैं।

प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी पर ताजपोशी का सपना संजोएं पूर्व मुख्यमंत्री पं. कमलापति त्रिपाठी के प्रपौत्र ललितेश चुनाव हारने के बाद ही अलग-थलग से पड़ गए थे। पार्टी ने प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी तो सौंपी लेकिन शायद यह उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षा के अनुरूप नहीं था।

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नक्सली क्षेत्र होने के बावजूद ललितेश ने मड़िहान से 2012 में ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। यह उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि थी। युवाओं के चहेते और पूर्वांचल में बड़ा चेहरा होने के बावजूद पार्टी की ओर से ललितेश को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा था। पार्टी सूत्रों का कहना है कि प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलने के बाद भी दलगत कार्यक्रमों में उन्हें तवज्जो नहीं दी जा रही थी।
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कई बड़े आयोजनों वहीं मिर्जापुर में पैतृक जमीन पर हुए मुकदमे में नाम आने के बाद पार्टी भी उनके साथ नहीं खड़ी हुई। ललितेश इस मामले में भी अकेले से पड़ गए थे। उनके ऊपर राजनीतिक दबाव भी लगातार बनाया जा रहा था। कांग्रेस खेमे में चर्चाओं का दौर तो जारी है लेकिन कोई भी साफ तौर पर कुछ भी बोलने से बच रहा है।

गांधी परिवार से राजनीतिक ही नहीं पारिवारिक हैं रिश्ते
पं. कमलापति त्रिपाठी के परिवार से गांधी परिवार का राजनीतिक ही नहीं पारिवारिक रिश्ता भी जुड़ा हुआ है। इंदिरा, राजीव और सोनिया गांधी के सबसे करीबी पं. कमलापति का घराना रहा है। तमाम विरोधों के बावजूद चाहे इंदिरा गांधी रही हों या राजीव गांधी अथवा सोनिया गांधी तीनों के कार्यकाल में न कभी पं. कमलापति को नकारा गया न लोकपति त्रिपाठी को न राजेश पति त्रिपाठी को। इंदिरा गांधी ने तो पं. कमलापति त्रिपाठी को कार्यकारी अध्यक्ष तक बनाया। राजीव गांधी के खिलाफ पंडित जी ने कई बार खुले पत्र जारी किए। बावजूद इसके इस परिवार को किसी ने कभी नकारा नहीं।
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