काशी विद्वत कर्मकांड परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य अशोक द्विवेदी ने बताया कि खरमास में सूर्य अपने गुरु गृह की सेवा में होते हैं। इसके कारण शुभ कार्यों पर सूर्य का प्रभाव कम हो जाता है। खरमास में विवाह, मुंडन समारोह और गृह प्रवेश पर रोक लग जाती है, जबकि देवताओं, माता पूजन, ब्राह्मणों और गायों की पूजा और सेवा आदि किए जा सकते हैं। साल में दो बार खरमास लगता है। एक बार सूर्य जब धनु राशि में प्रवेश करते हैं और दूसरा जब सूर्य मीन राशि में प्रवेश करते हैं।
इस पर रहेगी रोक
खरमास के दौरान शादी- विवाह, नया घर या व्यवसाय की शुरुआत, मुंडन, गृह प्रवेश, सगाई, बेटी या बहू की विदाई, गृह प्रवेश, मुंडन जैसे संस्कार पर रोक। खरमास में नए वाहन, घर, प्लॉट, रत्न-आभूषण आदि नहीं खरीदना चाहिए।
कर सकते हैं ये काम
दान, जप-तप, गुरु, गाय और साधु-संन्यासियों की सेवा, तीर्थ यात्रा, भगवान सूर्य को जल अर्पण।