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काशी विद्यापीठ: सौ साल के इतिहास में पहली बार बंद कमरे में होगा दीक्षांत समारोह, जानिए इस फैसले का कारण

Thu, 30 Dec 2021 10:44 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के 43वें दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि गुजरात केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति होंगे। पहले दस दिसंबर को होने वाला समारोह अब अगले महीने तीन जनवरी को आयोजित है। 
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महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वाराणसी स्थित महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के सौ साल के इतिहास में पहली बार दीक्षांत समारोह का आयोजन बंद कमरे में होगा। 43वें दीक्षांत समारोह का आयोजन पहली बार गांधी अध्ययन पीठ के सभागार में किया जाएगा। छात्रों के हंगामे को देख विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह निर्णय लिया है।

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छात्रसंघ के विवाद के कारण पूरे आयोजन के लिए खास सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।  दीक्षांत समारोह तीन जनवरी को है। बुधवार को कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने दीक्षांत समारोह स्थल की तैयारियों का जायजा लिया। समितियों से तैयारियों बाबत जानकारी ली।

सभागार की क्षमता बेहत कम
मुख्य अतिथि गुजरात केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आरएस दुबे और विशिष्ट अतिथि गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आलोक चक्रवाल होंगे। अध्यक्षता कुलाधिपति व राज्यपाल आनंदी बेन पटेल करेंगी। सूत्रों का कहना है कि सौ साल के इतिहास में पहला मौका है जब दीक्षांत समारोह सभागार में होगा। सभागार की क्षमता विश्वविद्यालय के अनुसार बेहद कम है।

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सभागार में मेरिट में पहले नंबर पर आने वाले विद्यार्थियों को ही जगह मिलेगी। परिसर में जगह-जगह टेलीविजन स्क्रीन लगाकर लाइव प्रसारण किया जाएगा। तैयारियों के मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन अभी तक पिछड़ा हुआ है और अभी तक आमंत्रण कार्ड नहीं छापे गए हैं। जनसंपर्क अधिकारी डॉ. नवरत्न सिंह ने बताया कि गांधी अध्ययन पीठ सभागार में दीक्षांत समारोह का आयोजन कोविड प्रोटोकॉल के अनुसार किया जाएगा। 
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