काशी बौनी सेम-207 उन्नत किस्म की सेम है। डॉ. नागेंद्र ने बताया कि इसकी बढ़वार झाड़ीनुमा है। इसके पौधे की ऊंचाई 65-70 सेमी है। इसकी बुआई अक्तूबर के पहले सप्ताह से नवंबर के दूसरे सप्ताह तक कर सकते हैं। पहली तुड़ाई बुआई के 90-95 दिन में होती है तथा 10-12 सेमी लंबी फलियां होती है। पांच बार तुड़ाई में इसकी औसत उपज 236 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है। उन्होंने बताया कि यह रोगरोधी भी है। 35 डिग्री सेंटीग्रेड तापमान में भी अच्छी उपज मिलरी है।
काशी शुभ्रा लौकी के पौधे को खरीफ, जायद और ऑफ सीजन में भी उगा सकते हैं। डॉ. नागेंद्र ने बताया कि इसकी पहली तुड़ाई बीज बोने के 55 दिन बाद शुरू होती है। फल हल्के हरे व 28- 30 सेंमी लंबे होंगे। इसका औसत वजन 800 ग्राम होता है। उन्होंने बताया कि इसकी पैकेजिंग कर लंबी दूरी तक भेज सकते हैं। खराब नहीं होगी। इसमें खाद्य गुणवत्ता बेहतर है। कमरे के तापभान पर इस लौकी को छह दिनों तक भंडारित कर सकते हैं।