लाखों में बिकने वाली जम्मू, कश्मीर व लद्दाख की पश्मीना शॉल अब जल्द ही काशी में मिलेगी। इसके लिए खादी ग्राम उद्योग इस माह के अंत में प्रदर्शनी लगाने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए काशी के बुनकर अब तक 400 पशमीना शॉल और 200 स्टॉल तैयार कर चुके हैं।
स्थानीय बुनकरों ने बताया कि ये शॉलें पूरी तरह से शुद्ध होंगी। क्योंकि इन पश्मीना शॉलों में दूसरों धागों का प्रयोग नहीं किया जाएगा। खादी ग्रामोद्योग के तहत बनाई जा रही पश्मीना शॉल की बिक्री खादी आश्रम व खादी भवन के साथ ही ऑनलाइन भी होगी। ज्यादातर शॉलों की बुकिंग पहले से हो चुकी है। जल्द ही इसकी बिक्री दिल्ली, मुंबई, लखनऊ के साथ ही देश के अन्य शहरों में भी होगी।
जहां जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में तैयार होने वाली शॉलों में वहां पाई जाने वाली बकरी के बाल के साथ ही दूसरे धागों के मिश्रण से बनाया जाता है। वहीं काशी में बनाई जा रही पश्मीना शॉल शत प्रतिशत शुद्ध होगी। क्योंकि इसमें किसी अन्य तरह के धागों का मिश्रण नहीं किया जाएगा। इसके बावजूद काशी में तैयार होने वाले शॉल की कीमत वहां की शॉल से कम होगी।