नवरात्र के मौके पर मंदिर परिसर को भव्य रूप से सजाया और संवारा गया है। कॉरिडोर परिसर में निर्माण के बाद भी सौभाग्य गौरी की मान्यता की वजह से सत्यनारायण मंदिर में लोगों की आस्था बनी हुई है। बाबा दरबार आने वाले लोग सौभाग्य गौरी का दर्शन और पूजन सत्यनारायण मंदिर में जाकर कर रहे हैं। उनके दर्शन मात्र से मानव जीवन में सौभाग्य का आगमन होता है और जीवन सफल हो जाता है।
चतुर्थी पर शृंगार गौरी का करेंगे पूजन
श्री काशी विश्वनाथ धाम में स्थित मां शृंगार गौरी के दर्शन पूजन की परंपरा हर वर्ष की भांति निभाई जाएगी। रविवार को कर्णघंटा स्थित गुर्जर धर्मशाला में अखिल भारतीय ज्ञानवापी मुक्ति महापरिषद की बैठक में यह निर्णय लिया गया। अनिल गुरु की अध्यक्षता में हुई बैठक में निर्णय हुआ कि हर वर्ष की परंपरा के अनुसार चैत्र शुक्ल चतुर्थी को मां शृंगार गौरी का दर्शन पूजन किया जाएगा। महापरिषद के कार्यकर्ता प्रात: नौ बजे जुलूस की शक्ल में सत्यनारायण मंदिर से निकलेंगे और बाबा के धाम में स्थित माता का दर्शन पूजन करेंगे।