यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री व राजस्थान के राज्यपाल रहे कल्याण सिंह के निधन पर भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा काशी क्षेत्र की ओर से श्रद्धांजलि दी गई। गीता मंदिर नई सड़क पर रविवार को आयोजित कार्यक्रम में उन्हें याद किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे क्षेत्र के उपाध्यक्ष अनुप जायसवाल ने कहा कि राममंदिर आंदोलन के नायक और पिछड़ा वर्ग के सर्वोच्च नेता के अंदर पद की लोलुपता नहीं थी। राम के नाम पर उन्होंने मुख्यमंत्री की कुर्सी को भी ठोकर मार दी थी। उपाध्यक्ष सोमनाथ विश्वकर्मा ने कहा कि उनके कार्यकाल को रामराज्य की ओर ले जाने वाले शासन के रूप में लोग याद करते हैं। कार्यक्रम की शुरुआत उनके फोटो पर माल्यार्पण के साथ हुई। वक्ताओं में ओमप्रकाश यादव, मंगलेश जायसवाल, मनीष चौरसिया, मनीष चौरसिया, रत्नेश गुप्ता, प्रदीप जायसवाल आदि शामिल रहे।
उधर, सुभासपा ने कल्याण सिंह के निधन पर शोक जताया। शिवपुर भरलाई स्थित कार्यालय पर दो मिनट का मौन रखा गया। प्रदेश उपाध्यक्ष शशिप्रताप सिंह ने बताया कि उनका जाना काफी दुखद है। उन्होंने नकल रोकने का अमिट कार्य किया था। शोक प्रकट करने वालों में संतोष प्रजापति, जागेश्वर, चंदन, सुमित आदि शामिल रहे। उधर, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने कल्याण सिंह के निधन पर शोक जताया। महासंघ के संरक्षक डा. दीनानाथ सिंह ने कहा कि कल्याण सिंह ने शिक्षा व्यवस्था की कमियों को दूर कराया था। आपराधिक कानून बनाकर उन्होंने नकल को रोका था। संयुक्त महामंत्री डा. जगदीश सिंह दीक्षित ने बताया कि कल्याण सिंह ने शिक्षा के स्तर को काफी ऊपर उठाया था। नकलविहीन परीक्षा उन्हीं की देन है।