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763 धार्मिक स्थल अतिक्रमण की जद में

Sun, 12 Jun 2016 01:57 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
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लंका-रवींद्रपुरी मार्ग पर बीच सड़क बना मंदिर।
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मंदिरों के शहर काशी में 763 धार्मिक स्थल ऐसे हैं जो यातायात व्यवस्था में बाधक बन रहे हैं। ये धर्मस्थल गलियों से लेकर चौराहों, शहर की मुख्य सड़कों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर काबिज हैं। अब यूपी हाईकोर्ट के ताजा आदेश के बाद इन धर्मस्थलों के अन्यत्र स्थानांतरण की आस जगी है।
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हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ  ने प्रदेश सरकार को सारे अवैध धार्मिक स्थल को तुरंत हटाकर कोर्ट को अवगत कराने को  कहा है।

शहर की ऐसी कोई भी सड़क नहीं जिस पर अतिक्रमण न हो। इन दिनाें सड़क, नाले-नालियों पर से अतिक्रमण हटाने का अभियान चल रहा है। छह जून से चल रहे अभियान में अब तक सौ से अधिक पक्के निर्माण ध्वस्त हो चुके हैं। हालांकि प्रशासन ने धर्मस्थलों को अभियान में शामिल नहीं किया है।

अब कोर्ट के कड़े रुख के बाद अतिक्रमण की जद में शामिल धर्मस्थलों का ब्यौरा नए सिरे से जुटाया जा रहा है। मैदागिन से लंका और लंका से कैंट के रास्ते पर तीन सौ से ज्यादा धर्मस्थल यातायात में बाधक बन रहे हैं। इन धर्मस्थलों की आड़ में लोगों ने पक्का निर्माण कर लिया है।
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मंडुवाडीह, नरिया, दुर्गाकुंड, गुरुधाम, कमच्छा, महमूरगंज, रथयात्रा, तेलियाबाग, सिगरा, चंदुआ सट्टी, काशी विद्यापीठ, इंग्लिशियालाइन, लहरतारा, चौक, मैदागिन, मछोदरी आदि इलाकों की मुख्य सड़क पर ही धर्मस्थल यातायात को अवरुद्ध कर रहे हैं। सालों पहले इनमें से अधिकांश धर्मस्थल अर्द्धनिर्मित अवस्था में थे। कालांतर में इनका स्वरूप भव्य होता गया। कई जगहों पर तो धर्मस्थल डिवाइडर की भांति बीच सड़क पर हैं। 
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