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आईपी सिगराः जिंदगी और मौत के बीच चंद कदमों का रह गया था फासला

Fri, 23 Jun 2017 11:12 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
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पहले अपने स्तर से आग बुझाने की कोशिश की, काबू न होने पर पुलिस को दी सूचना - फोटो : अमर उजाला
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हंसती-खेलती जिंदगियों और मौत के मातम के बीच चंद कदमों का ही फासला रह गया था। आईपी सिगरा के बेसमेंट स्थित गोदाम में आग धधकने के बाद हालात ऐसे हो गए थे कि मुख्य रास्ते से दमकल कर्मी भी अंदर नहीं पहुंच पाए।
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आग थोड़ी और विकराल हुई होती तो हादसे की भयावहता का अंदाजा लगाना मुश्किल था। यह हादसा दिल्ली में 1997 में हुए उपहार सिनेमा कांड की तरह हर किसी के रोंगटे खड़े कर गया। न जाने कितनी जिंदगियां आग की भेंट चढ़ जातीं।

जानकारों का कहना है कि वातानुकूलित मॉल में लगे इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रानिक उपकरण लपटों की जद में आए होते तो पलक झपकते आग इतनी तेजी से फैलती कि काबू पाना बेहद मुश्किल हो जाता। जिस गोदाम में आग लगी वह मॉल के मुख्य द्वार के पास है।
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तीनों ऑडी (मल्टीप्लेक्स) ऊपरी मंजिल पर हैं और सबसे अधिक आठ सौ लोग वहीं मौजूद थे। आग फैलती तो मुख्यद्वार से बाहर निकलना भी संभव नहीं हो पाता। 


उधर आग लगी थी, इधर आइसक्रीम खा रहे थे सिपाही
आईपी मॉल में हादसे  के दौरान जहां एक ओर दमकल के कर्मचारी जान जोखिम में डालकर आग बुझाने में लगे थे, वहीं कुछ पुलिसकर्मी मॉल के अंदर आइसक्रीम और पॉपकॉर्न के मजे लूट रहे थे।

मॉल के ज्यादातर कर्मचारी बाहर निकल गए थे। ऐसे में कोई रोकटोक करने वाला भी नहीं था। करीब एक घंटे तक मॉल के अंदर पुलिस का कब्जा रहा।

इनकी तैनाती वैसे तो मॉल के अंदर की व्यवस्था देखने के साथ ही किसी को अंदर जाने से रोकने के लिए की गई थी लेकिन जिम्मेदारियों से बेपरवाह कुछ पुलिस कर्मियों के लिए यह मुफ्त की आइसक्रीम और पॉपकार्न का लुत्फ उठाने का मौका बन गया। 
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बच्चों को गोद में उठा कर भागे लोग

ip mall - फोटो : अमर उजाला
सिगरा के कौशल सिंह पत्नी और दोनों बच्चों के साथ शुक्रवार की दोपहर सलमान खान की फिल्म ट्यूबलाइट देखने आईपी मॉल गए थे। ऑडी में अचानक फिल्म रोककर जब मॉल के बेसमेंट में आग लगने की सूचना प्रसारित कराई गई तो कुछ देर के लिए उनकी सांसें थम गईं।

उनके जैसे सैकड़ों लोग थे, जो अनाउंस होते ही बच्चों को गोद में उठाकर बाहर की तरफ भागे। थिएटर के गेट पर पहले निकलने की होड़ में अफरातफरी मच गई। चीख-पुकार के बीच हर कोई बस किसी भी तरह मॉल से बाहर निकलने की कोशिश में था।

मॉल प्रबंधन ने दो कर्मचारियों को लगाया लेकिन भीड़ के आगे वे बेबस साबित हुए। भगदड़ जैसी स्थिति के बीच संयोग ही रहा कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ और आधे घंटे के अंदर सभी लोग सकुशल बाहर निकाल लिए गए। 

सलमान की चर्चित फिल्म ट्यूबलाइट शुक्रवार को ही रिलीज हुई। पहला शो साढ़े दस बजे से शुरू हुआ। पहला शो से तीसरा शो तक हाउसफुल गया। दोपहर तक बाक्स आफिस पर कतार लगी रही। दोपहर करीब डेढ़ बजे के बाद थिएटरों में फिल्म देख रहे लोग तब हैरान हो गए जब अचानक फिल्म रोक कर लाइटें जला दी गईं।

फिर जब घोषणा प्रसारित हुई कि बेसमेंट में आग लग गई है और बाहर निकलने वाले गेट को खोल दिया गया है तो लोगों के चेहरे की हवाइयां उड़ गईं। लोगों की भीड़ अचानक गेट की ओर बढ़ी। आठ सौ लोगों को मॉल से बाहर आने में आधे घंटे का समय लग गया। गनीमत रही कि बेसमेंट की आग ऊपरी तल तक नहीं फैलने पाई अन्यथा बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता था।

ग्लोबस शोरूम मॉल के मुख्य द्वार के पास में ही है। बेसमेंट स्थित उसका गोदाम भी शोरूम के ठीक नीचे है। अगर आग फैलने पाती तो मुख्य द्वार से लोगों का बाहर निकलना मुश्किल हो जाता। 

आंखों देखी


आग लगने की जानकारी मिलते ही लोग दहशत में आ गए। हर कोई जल्द से जल्द मॉल से बाहर निकलना चाह रहा था। लोगों को किसी तरह समझाया गया और लाइन से बाहर निकलने को कहा गया। संयोग ही रहा कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। - बृजेश, मल्टीप्लेक्स के कर्मचारी

धुएं का गुबार फैलते ही पूरे मॉल में अफरातफरी मच गई थी। मॉल में मौजूद लोग जहां-तहां भागने लगे। शोरूमों में जो लोग थे, उन्हें दूकानदारों ने बाहर किया। साथ ही, सामान समेटकर शोरूम बंद करके खुद भी बाहर निकल गए। - देवा, नाइक शोरूम के कर्मचारी, 



 
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