आराजी लाइन विकास खंड के ग्राम पंचायत कपरफोरवा में बुधवार को हाईकोर्ट के आदेश पर 10 वर्ष पूर्व हुए विकास कार्यों की जांच करने खंड विकास अधिकारी विजय कुमार जायसवाल व जेई पहुंचे। शिकायत कर्ता ने आरोप था कि पूर्व ग्राम प्रधान ने पुराने खड़ंजे को ही नया खड़ंजा दिखाकर ग्राम पंचायत निधि से पैसा निकाल लिया। इस दौरान ग्रामीणों और शिकायतकर्ता और ग्रामीणों में नोकझोंक भी हुई।
मौके पर पहुंची जांच टीम को ग्रामीणों ने बताया कि इस मार्ग पर पूर्व प्रधान ने केवल 100 मीटर खड़ंजा लगवाया था। शिकायतकर्ता का आरोप गलत है। शिकायतकर्ता द्वारा यह भी आरोप लगाया गया था कि मनरेगा के कार्यों के लिए टेंट खरीदा गया था। साक्ष्य के लिए ग्राम पंचायत द्वारा फोटो उपलब्ध कराया गया। मिट्टी कार्य की शिकायत का मनरेगा मजदूरों ने काम की पुष्टि की। जांच अधिकारी खंड विकास अधिकारी विजय कुमार जायसवाल ने बताया कि जांच की गई है और अभिलेखों को तलब किया गया है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर ग्राम विकास अधिकारी श्रीकांत उपाध्याय, पूर्व ग्राम प्रधान अनिल कुमार पटेल, पूर्व ग्राम प्रधान अजय कुमार कनौजिया, रोजगार सेवक दिलीप कुमार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
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विरोध के चलते पैमाइश करने गई राजस्व टीम वापस लौटी
सेवापुरी। कपसेठी थाना क्षेत्र के नहवानीपुर गांव में बुधवार की दोपहर बाद लेखपालों की टीम एवं पुलिस को विरोध के चलते बैरंग लौटना पड़ा। गांव के ही राज कुमार कनौजिया अपनी जमीन की पैमाइश कराने के लिए उप जिलाधिकारी राजातालाब को प्रार्थना पत्र दिया था। जिस पर हल्का लेखपाल राजेंद्र प्रसाद अपने सहयोगियों व दो पुलिस कर्मियों के साथ मौके पर पैमाइश करने गए थे। पैमाइश के दौरान हल्का लेखपाल पर गलत ढंग से नाप करने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने विरोध किया। इससे पुलिस एवं राजस्व टीम को बिना पैमाइश किए पास लौटना। वहीं थानाध्यक्ष अनिल मिश्र का कहना थ कि यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। पुलिस कर्मी किसके आदेश से गए इसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।