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Indian Railway News: श्रीकाशी-महाकाल एक्सप्रेस और लखनऊ शटल सुपरफास्ट ट्रेन के संचालन को हरी झंडी, यहां देखें नया शेड्यूल

Sun, 14 Nov 2021 12:48 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

काशी वासियों को भारतीय रेलवे की ओर से सौगात मिली है। कोरोना बंदी में बेपटरी श्रीकाशी-महाकाल एक्सप्रेस और लखनऊ-वाराणसी के बीच शटल सुपरफास्ट एक्सप्रेस फिर से शुरू हो रही है। 
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ट्रेन - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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कोरोना काल के समय से बंद श्रीकाशी-महाकाल एक्सप्रेस और लखनऊ-वाराणसी के बीच शटल सुपरफास्ट एक्सप्रेस के संचालन को हरी झंडी मिल गई है। उत्तर रेलवे इन दो ट्रेनों का संचालन शुरू कर रहा है। रविवार अपराह्न से महाकाल एक्सप्रेस का संचालन कैंट स्टेशन से शुरू हो रहा है तो वहीं 17 नवंबर से लखनऊ-वाराणसी के बीच शटल सुपरफास्ट ट्रेन का परिचालन शुरू होगा। 
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रेल अधिकारियों के अनुसार ट्रेन संख्या 82403 श्रीकाशी-महाकाल एक्सप्रेस का संचालन सप्ताह में प्रत्येक रविवार को होगा। यह ट्रेन कैंट स्टेशन से अपराह्न सवा तीन बजे खुलेगी और प्रयागराज, कानपुर, झांसी, संत हिरदाराम नगर से होते हुए दूसरे दिन सोमवार की सुबह 7.05 बजे उज्जैन और सुबह 9.05 बजे इंदौर स्टेशन पहुंचेगी।

उधर से ट्रेन संख्या 82404 महाकाल एक्सप्रेस प्रत्येक सोमवार को सुबह 10.15 बजे इंदौर से खुलेगी और 11.25 बजे उज्जैन के रास्ते संत हिरदाराम नगर, झांसी, कानपुर और प्रयागराज होते हुए दूसरे दिन सुबह चार बजे भोर में कैंट स्टेशन पहुंचेगी। 
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लखनऊ-वाराणसी सुपरफास्ट एक्सप्रेस रोजाना चलेगी
उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी दीपक कुमार ने बताया कि 17 नवंबर से शुरू हो रही लखनऊ-वाराणसी सुपरफास्ट एक्सप्रेस रोजाना चलेगी। ट्रेन संख्या 20401 सुपरफास्ट एक्सप्रेस प्रतिदिन कैंट स्टेशन से सुबह छह बजे छूटेगी और जौनपुर, सुल्तानपुर, निहालगढ़ होते हुए सुबह 10.10 बजे लखनऊ पहुंचेगी।

वहीं ट्रेन संख्या 20402 सुपरफास्ट एक्सप्रेस प्रतिदिन शाम छह बजे लखनऊ चारबाग स्टेशन से छूटेगी और निहालगढ़, सुल्तानपुर, जौनपुर होते हुए रात 10.10 बजे कैंट स्टेशन पहुंचेगी। इस ट्रेन में 17 कोच होंगे, जिसमें एक चेयरकार एसी और 14 सामान्य और दो एसएलआर बोगियां होंगी। 
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वाराणसी जिले से संचालित 214 ट्रेनों के आगे से हटाया गया शून्य

पूर्वोत्तर व उत्तर रेलवे में संचालित होने वाली ट्रेनों के नंबरों के आगे लगाए गए शून्य को अब हटा दिया गया है। इसे कोरोना संक्रमण के दौरान बदला गया था। इसमें वाराणसी कैंट से 91 जोड़ी, बनारस स्टेशन से 13 जोड़ी और वाराणसी सिटी से संचालित होने वाली तीन जोड़ी ट्रेनें अब सामान्य दिनों की तरह नियमित रूप से संचालित की जाएंगी। इनमें फेस्टिवल ट्रेनों के नाम से संचालित ट्रेनों का बढ़ाया गया किराया भी अब सामान्य दिनों की तरह लागू किया गया है।

पूर्वोत्तर रेलवे की ओर से ट्रेनों के नंबरों को भले ही पहले की तरह सामान्य कर दिया गया हो। लेकिन ट्रेनों में यात्रियों को अभी भी सामान्य सीटों के लिए आरक्षण कराना अनिवार्य होगा। रेलवे प्रशासन की ओर से यह निर्णय संक्रमण के समय लिया गया था। इससे संक्रमण से बचाव के साथ ही निर्धारित यात्री ही सफर कर रहे थे। इससे ट्रेनों के सामान्य बोगियों में अतिरिक्त यात्रियों का दबाव भी नहीं रहेगा। 

पहले के आरक्षित यात्री बदले नंबर पर कर सकेंगे सफर

पूर्वोत्तर रेलवे में संचालित होने वाली ट्रेेनों के पहले के नंबरों पर सीटें आरक्षित कर चुके यात्री बदले गए नंबर पर सफर कर सकेंगे। उन्हें किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं होगी। ट्रेनें पहले की तरह ही तय समय पर संचालित होंगी। 
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बनारस-एलटीटी एक्सप्रेस कैंट स्टेशन से एक घंटे देरी से निकली

बनारस-एलटीटी एक्सप्रेस में शनिवार को तकनीकी खराबी आ गई, जिसके चलते ट्रेन वाराणसी जंक्शन पर तय समय से एक घंटा 11 मिनट की देरी से चली। बनारस रेलवे स्टेशन से मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनल जाने वाली ट्रेन संख्या 02168 बनारस-एलटीटी एक्सप्रेस शनिवार को अपने निर्धारित समय पर चलने के बाद वाराणसी जंक्शन पर प्लेटफार्म नंबर एक पर पहुंची, जहां पहुंचने के बाद ट्रेन जब 10.35 बजे जाने के लिए तैयार हुई, तभी उसमें तकनीकी खराबी आ गई। जिसके चलते ट्रेन दोपहर 12.29 बजे रवाना हुई। 
 
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