पूर्वोत्तर व उत्तर रेलवे में संचालित होने वाली ट्रेनों के नंबरों के आगे लगाए गए शून्य को अब हटा दिया गया है। इसे कोरोना संक्रमण के दौरान बदला गया था। इसमें वाराणसी कैंट से 91 जोड़ी, बनारस स्टेशन से 13 जोड़ी और वाराणसी सिटी से संचालित होने वाली तीन जोड़ी ट्रेनें अब सामान्य दिनों की तरह नियमित रूप से संचालित की जाएंगी। इनमें फेस्टिवल ट्रेनों के नाम से संचालित ट्रेनों का बढ़ाया गया किराया भी अब सामान्य दिनों की तरह लागू किया गया है।
पूर्वोत्तर रेलवे की ओर से ट्रेनों के नंबरों को भले ही पहले की तरह सामान्य कर दिया गया हो। लेकिन ट्रेनों में यात्रियों को अभी भी सामान्य सीटों के लिए आरक्षण कराना अनिवार्य होगा। रेलवे प्रशासन की ओर से यह निर्णय संक्रमण के समय लिया गया था। इससे संक्रमण से बचाव के साथ ही निर्धारित यात्री ही सफर कर रहे थे। इससे ट्रेनों के सामान्य बोगियों में अतिरिक्त यात्रियों का दबाव भी नहीं रहेगा।
पूर्वोत्तर रेलवे में संचालित होने वाली ट्रेेनों के पहले के नंबरों पर सीटें आरक्षित कर चुके यात्री बदले गए नंबर पर सफर कर सकेंगे। उन्हें किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं होगी। ट्रेनें पहले की तरह ही तय समय पर संचालित होंगी।
बनारस-एलटीटी एक्सप्रेस में शनिवार को तकनीकी खराबी आ गई, जिसके चलते ट्रेन वाराणसी जंक्शन पर तय समय से एक घंटा 11 मिनट की देरी से चली। बनारस रेलवे स्टेशन से मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनल जाने वाली ट्रेन संख्या 02168 बनारस-एलटीटी एक्सप्रेस शनिवार को अपने निर्धारित समय पर चलने के बाद वाराणसी जंक्शन पर प्लेटफार्म नंबर एक पर पहुंची, जहां पहुंचने के बाद ट्रेन जब 10.35 बजे जाने के लिए तैयार हुई, तभी उसमें तकनीकी खराबी आ गई। जिसके चलते ट्रेन दोपहर 12.29 बजे रवाना हुई।