उधर, सुभासपा के बाद अब बसपा से निकाले गए रामअचल राजभर के सपा में आने के बाद वाराणसी के अलावा सलेमपुर, बलिया, मऊ, गाजीपुर सहित अन्य जिलों में राजभर समाज को सपा की ओर से लाने का प्रयास होगा। दरअसल, पूर्वांचल में राजभर वोट 12 से 15 फीसदी है और वर्ष 2014 से पहले तक उसे गैर भाजपा मत माना जाता था।
मगर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फिर सुभासपा से भाजपा के गठबंधन के बाद उसका रुख बदला था। वर्तमान हालात में राजभर मतों में बिखराव की स्थिति तो बन रही थी, मगर अब सपा इस बिखराव को हर हाल में रोकने की कोशिश करेगी।