फिलहाल अगले आदेश तक ब्लड बैंक से मरीजों को ब्लड देना बंद किया गया है। जब तक औषधि विभाग की ओर से कार्रवाई पूरी नहीं की जाती है तब तक मरीजों को ब्लड नहीं दिया जाएगा। इधर, वाराणसी के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती मरीजों के परिजन ब्लड बैंक के बाहर बैठे रहे कि उन्हें किसी तरह ब्लड मिल सके।
मामले में औषधि निरीक्षक सौरभ दुबे ने कहा कि आईएमए में जांच के मामले में नियमानुसार रिपोर्ट की गई है। अगर आईएमए ने पहले ही संबंधित कर्मचारी को निकाल दिया था तो फिर ब्लड बैंक से कैसे ब्लड का बैग निकला। फिलहाल आईएमए को पूरे मामले में जांच कर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। हमने जो किया वो सही किया।