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आईआईटी बीएचयू : 915 सीटों पर पीजी और पीएचडी एडमिशन शुरू, आवेदन की आखिरी तारीख जान लें

Tue, 25 Mar 2025 11:59 AM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

IIT BHU Admission 2025: आईआईटी बीएचयू में प्रवेश के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 7 अप्रैल को है। यहां 915 सीटों पर पीजी और पीएचडी में दाखिले की प्रक्रिया शुरू हो गई है।  
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BHU Students - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आईआईटी बीएचयू में 915 सीटों पर पीजी और पीएचडी एडमिशन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। एमटेक, एमफार्मा में 575 सीटों और पीएचडी में 340 सीटों पर दाखिले होंगे। आवेदन की अंतिम तिथि 7 अप्रैल शाम 5 बजे तक है। प्रवेश के लिए योग्यता बीटेक या समकक्ष डिग्री होनी चाहिए। पीएचडी प्रवेश के लिए एमटेक और एम फार्मा के साथ ही गेट या जीपैट क्वालिफाइड होना चाहिए। इस प्रोग्राम से प्रवेश पाने वालों का सत्र इस साल जुलाई महीने से शुरू होगा। इसे ऑड सेमेस्टर प्रोग्राम भी कहा जाता है। 

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मास्टर प्रोग्राम के तहत आईआईटी बीएचयू के 16 विभागों में प्रवेश होगा। सबसे ज्यादा सिविल इंजीनियरिंग विभाग में 74 सीटों पर एमटेक कोर्स में प्रवेश लिया जाएगा। केमिकल, मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग में 59-59 सीटों, इलेक्ट्रॉनिक्स में 54,  फार्मास्यूटिकल इंजीनियरिंग विभाग में 49, मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग में 44, माइनिंग इंजीनियरिंग में 36, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में 30, मटेरियल साइंस एंड टेक्नोलॉजी में 24, बायो इंजीनियरिंग इन मेडिकल डिवाइस में 20, सिरेमिक इंजीनियरिंग में 19 सीटों पर प्रवेश लिया जाएगा। 

सिस्टम इंजीनियरिंग, डिसिजन साइंस, बायो केमिकल और बायो मेडिकल इंजीनियरिंग में एमटेक में 12-12 सीटों पर एडमिशन लिया जाएगा। इन सीटों में सभी पांच वर्ग सामान्य, एसएसी, एसटी और ईडब्ल्यूएस की सीटें शामिल हैं। जबकि इसमें फिजिकली चैलेंज्ड अभ्यर्थियों के लिए 5 फीसदी सीटें आरक्षित की गईं हैं। 

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इस तरह के स्पेशलाइजेशन वालों को मिलेगा प्रवेश

केमिकल इंजीनियरिंग और सिरेमिक इंजीनियरिंग में प्रवेश के लिए किसी भी स्पेशलाइजेशन की जरूरत नहीं है। आठ विषयों में स्पेशलाइजेशन चाहिए। पांच इंटर डिसीप्लीनेरी कोर्स के तहत प्रवेश लिया जा रहा है। इसमें भी कोई स्पेशलाइजेशन की मांग नहीं की गई है। सबसे ज्यादा 74 सीटों पर सिविल इंजीनियरिंग विभाग में प्रवेश दिया जा रहा है। सात तरह की स्पेशलाइजेशन की मांग की गई है। 

हाइड्रॉलिक्स एंड वाटर रिसोर्स इंजीनयिरिंग, जियो केमिकल, स्ट्रक्चरल, एनवार्यंमेंट, ट्रांसपोर्टेशन, जियो इंफॉर्मेटिक्स और इंजीनियरिंग जियो साइंस से बीटेक होना चाहिए। यदि बीटेक के बजाय जियोलॉजी से बीएससी किया हो तो गेट क्वालिफाइड जरूरी है। इलेक्ट्रॉनिक्स में पांच, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में चार और मैकेनिकल इंजीनियरिंग में तीन तरह के स्पेशलाइजेशन रखे गए हैं। 
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जलशक्ति मंत्रालय की भूजल पर हुई कार्यशाला

बीएचयू में जल शक्ति मंत्रालय की ओर से भूजल संसाधनों का संवहनीय विकास और प्रबंधन विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला हुई। 146 छात्र और छात्राओं को जलवायु परिवर्तन और ग्राउंड वाटर के संबंधों को बताया गया। वीडियो से बच्चों को बोरवेल या ट्यूबवेल में गिरने से बचाने की तकनीक सिखाई गई। आईआईटी बीएचयू के सिविल इंजीनियरों ने पीपीटी से भूजल गुणवत्ता और फील्ड में पानी की मौजूदगी के बारे में छात्रों को समझाया गया।
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