पकड़े गए हत्यारोपी राबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के मुसही गांव निवासी योगेश कुमार मिश्रा, सहिजन खुर्द निवासी पंकज कुमार बघेल और कुरहुल गांव निवासी चंदन तिवारी की निशानदेही पर मृतक का मोबाइल, मृतक का हस्ताक्षरित दो लाख का चेक, बाइक और तमंचा व एक कारतूस बरामद हुआ।
एसपी ने बताया कि सुरेंद्र अपनी पत्नी की हत्या कराना चाहता था। हत्या के लिए दो माह पहले चंदन तिवारी के माध्यम से शूटरों से संपर्क कर हत्या के लिए दो लाख की सुपारी दी थी। शूटरों ने घटना को अंजाम देने से पहले रुपये की मांग की। तब सुरेंद्र ने भारतीय स्टेट बैंक के अपने खाते का बैलेंस और हस्ताक्षरित चेक दिखाया था।
शूटरों के मन में शंका हो गई थी हत्या के बाद उन्हें रुपये मिलेंगे भी या नहीं। इसलिए शूटरों ने पत्नी की हत्या करने के बजाय सुरेंद्र की हत्या कर चेक ले लेने की योजना बना डाली। फरार हत्यारोपी शिवशंकर कनौजिया की तलाश की जा रही है। टीम को 25 हजार रुपये के नगद पुरस्कार से पुरस्कृत भी किया गया है।
एसपी ने बताया कि घटना के दिन सुरेंद्र ने स्वयं शूटर योगेश व पंकज को अपने घर ले जाकर तमंचा और कारतूस दिया। हत्या करने के लिए तीनों चोपन जा रहे थे। रास्ते में सुरेंद्र किसी से मोबाइल पर बात करने लगा तभी बदमाशों ने गोली मारकर उसकी हत्या कर दी और उसके पास मौजूद दो लाख का चेक ले लिया।
सिंदुरिया गांव निवासी सुरेंद्र पांडेय (45) का अपनी पत्नी शिवकुमारी से लंबे समय से विवाद चल रहा था। दोनों अलग-अलग रहते थे। सुरेंद्र सिंदुरिया में स्थित अपने पुश्तैनी मकान में रहता था, जबकि पत्नी चोपन बैरियर स्थित मकान में रहती है। दोनों ही एक-दूसरे के साथ न रहने की जिद पर अड़े थे। कोर्ट में भी मामले का समाधान नहीं हो पाया था। सुरेंद्र की हत्या के बाद बहन सुनीता मिश्रा ने पुलिस को तहरीर देकर पत्नी शिवकुमारी पांडेय समेत विनोद तिवारी, अतुल तिवारी और विजेंद्र मिश्रा के विरुद्ध नामजद केस दर्ज कराया था।