एमएलसी शतरुद्र प्रकाश ने पिछले दिनों गोपाल जी मंदिर पर दो लाख 77 हजार रुपये का गृहकर लगाने पर सवाल खड़ा किया था। उन्होंने कहा था कि 2018 में जीआईएस से बने नक्शे में लापरवाही के चलते मंदिर को आवासीय और व्यावसायिक भवन दर्शाया गया है।
विवाद के बाद वाराणसी गोपाल जी मंदिर से गृहकर को हटा दिया गया है। शुक्रवार को नगर निगम ने आदेश जारी कर इसकी जानकारी दी। बताया गया कि गोपाल जी काशी का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यहां देश विदेश से काफी श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। निगम के नियमों के अनुसार, इसे गृहकर से छूट प्राप्त है।
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एमएलसी शतरुद्र प्रकाश ने पिछले दिनों गोपाल जी मंदिर पर दो लाख 77 हजार रुपये का गृहकर लगाने पर सवाल खड़ा किया था। उन्होंने कहा था कि 2018 में जीआईएस से बने नक्शे में लापरवाही के चलते मंदिर को आवासीय और व्यावसायिक भवन दर्शाया गया है।
मंदिर का वार्षिक मूल्यांकन 62 हजार रुपये से 2013-14 में कम कर 29 हजार 549 रुपये कर दिया गया है। बावजूद वार्षिक मूल्यांकन पर 11 फीसदी की बजाय 15 के हिसाब से सामान्य कर लगाया है। बिल में वित्तीय वर्ष के हर तीसरे महीने ब्याज लगाया गया है, जो गैरकानूनी है। एमएलसी ने कहा था कि 2021 में इस मंदिर को आवासीय व व्यावसायिक दिखाया जाना गलत है। उन्होंने नगर निगम से सवाल किया कि लाखों रुपये खर्च करने के बाद गलत हाउस टैक्स क्यों लगाया गया है।