राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हिंदी ने बनाई पहचान
हिंदी की खास बात यह है कि इसमें जिस शब्द को जिस प्रकार उच्चारित किया जाता है। उसे लिपि में लिखा भी उसी प्रकार जाता है। हिंदी भाषा ही हमारे सामाजिक जीवन की नींव है। भाषा हमारी उन्नति और विकास का प्रतीक है। हिंदी भाषा ने राष्ट्रीय ही नहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपना अस्तित्व स्थापित किया है। - अश्विनी जायसवाल, छात्र
हिंदी हमारी संस्कृति और पहचान
एक भाषा के रूप में हिंदी न सिर्फ भारत की पहचान है बल्कि यह हमारी जीवन मूल्यों संस्कृति की परिचायक भी है। हिंदी अनुवाद की नहीं बल्कि संवाद की भाषा है। किसी भी भाषा की तरह हिंदी भी मौलिक सोच की भाषा है। हमारी संस्था होप वेलफेयर ट्रस्ट की ओर से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बच्चों और महिलाओं को हिंदी भाषा के प्रति जागरूक किया जाता है। ग्रीन ग्रुप की 800 महिलाएं हिंदी परिभाषित गांवों से आती है और हिंदी को बढ़ावा देने का अभियान भी चलाती हैं। - दिव्यांशु उपाध्याय, सचिव, होप वेलफेयर ट्रस्ट