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चीनी मांझा से कृतिका की मौत: राइफल क्लब में अपर जिलाधिकारी से मिले परिजन, की ये मांग 

Mon, 31 Aug 2020 02:45 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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बच्ची के पिता (लाल टी-शर्ट में) वकील। - फोटो : अमर उजाला
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वाराणसी में चीनी मांझे से सात साल की मासूम कृतिका का गला कटकर मौत से लोगों का दिल दहल गया है। बच्ची के साथ उसके पिता की भी उंगली कट गई है। वाराणसी में चीनी मांझा प्रतिबंधित है, लेकिन फिर भी यह मांझा शहर में मिल जाता है। मांझे की बिक्री पर सख्ती और दुकानदारों पर कार्रवाई के लिए पिता और वकीलों के प्रतिनिधि मंडल के साथ जिलाधिकारी से मिलने पहुंचे।

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सोमवार को राइफल क्लब में डीएम की गैर मौजूदगी पर प्रतिनिधि मंडल अपर जिलाधिकारी प्रशासन गुलाबचंद से मिला। बनारस बार के पूर्व अध्यक्ष राजेश मिश्र, विनोद कुमार पांडेय के नेतृत्व में गए वकीलों ने इस बात पर रोष व्यक्त किया कि चीनी मांझे पर रोक के बावजूद यह जनलेवा मांझा क्यों बाजारों और दुकानों में खुलेआम बिक रहा है।


प्रशाशन की लपरवाही से हुकुलगंज निवासी सात वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। इस मामले में मांझा बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। इस मामले में दोषियों को चिह्नित कर गिरफ्तार कर जेल भेज जाए।

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शहर-देहात में बिक रहे मांझे पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए। एडीएम सिटी ने सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। बच्ची के दादा ओम प्रकाश गुप्त ने कहा कि मांझे का कारोबार बंद हो, और परिवार को आर्थिक मुआबजा दिया जाए।

बेटी की मौत, पिता की उंगली कटी :
वाराणसी के नदेसर क्षेत्र के घौसाबाद निवासी मोटर एसेसरीज के दुकानदार संदीप गुप्ता अपनी सात वर्षीय बेटी कृतिका को लेकर शनिवार को पांडेयपुर क्षेत्र में दवा लेने गए थे। दवा लेने के बाद वह बेटी के साथ स्कूटी से घर लौट रहे थे। कृतिका स्कूटी पर आगे खड़ी थी। वह जिद करने लगी कि पांडेयपुर फ्लाईओवर से होकर घर चलें।

बेटी की जिद पर संदीप फ्लाईओवर पर चढ़े ही थे कि स्कूटी पर आगे खड़ी कृतिका का गला चाइनीज मांझा की चपेट में आकर कट गया। इस पर वह जोर से चीखी। इसी बीच, संदीप की एक अंगुली भी कट गई। स्कूटी छोड़कर बच्ची को गोद में लेकर संदीप पैदल ही नजदीक स्थित अस्पताल गए। वहां से जवाब मिलने पर वह मलदहिया स्थित निजी अस्पताल गए, जहां उपचार के दौरान बच्ची की मौत हो गई थी।
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