आईएमएस बीएचयू के हृदय रोग विभाग में आने वाले मरीजों की एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी कब से शुरू होगी, इस पर कोई फैसला नहीं हो पाया है। हालत यह है कि 15 दिन से खराब कैथ लैब की मशीन नहीं बन पा रही है, वहीं सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक में बने कैथ लैब का ताला भी नहीं खुल पाया है। लिहाजा हर दिन मरीजों को बिना जांच के ही वापस होना पड़ रहा है।
हृदय रोग विभाग की ओपीडी में हर दिन वाराणसी, गाजीपुर, बलिया, जौनपुर सहित आसपास के अन्य जिलों से मरीज आते हैं। इसमें गंभीर मरीजों को चिकित्सक एंजियोप्लास्टी, एंजियोग्राफी कराने की सलाह देने के साथ ही पर्चे पर भी लिख रहे हैं, लेकिन अस्पताल के चौथे तल पर बने कैथ लैब में फिलहाल हृदय रोग की सर्जरी ठप है। इस वजह से जिस कैथ लैब पर आम दिनों में मरीजों, परिजनों की भीड़ दिखती है, वहां इस समय सन्नाटा छाया है।
300 से अधिक मरीजों की सर्जरी टली
कैथ लैब में मशीन न बनने और सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में बने लैब का ताला न खुलने से मरीजों की परेशानी बढ़ती जा रही है। पिछले 15 दिन में हृदय रोग के 300 मरीजों को बिना सर्जरी के ही वापस जाना पड़ा। यह स्थिति तब है जब पिछले दिनों हृदय रोग विभाग के अध्यक्ष प्रो. ओमशंकर ने एमएस सहित अन्य लोगों को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की थी।
पीएम, स्वास्थ्य मंत्री से की शिकायत
विभागाध्यक्ष प्रो. ओमशंकर का कहना है कि मामले में पीएम नरेंद्र मोदी, स्वास्थ्य मंत्री से इसकी शिकायत ट्विटर के माध्यम की जा चुकी है। मामले में जल्द कार्रवाई की मांग की है। इसके अलावा एमएस पर मनमानी, नियमों की अनदेखी आदि का भी आरोप लगाया है।