गुलाबबाड़ी में गुलाब की पंखुड़ियों की बरसात के साथ ही गुलाबजल व इत्र की खुश्बूओं के बीच साज, संगीत और गीतों के संयोजन ने संगीत के रसिकजनों के मन को रस से भर दिया।
वाराणसी में गुलाबबाड़ी में महकते गुलाबों के बीच सुरों के रंगों की बरसात ने श्रोताओं के अंतर्मन को आह्लादित कर दिया। गुलाब की पंखुड़ियों की बरसात के साथ ही गुलाबजल व इत्र की खुश्बूओं के बीच साज, संगीत और गीतों के संयोजन ने संगीत के रसिकजनों के मन को रस-रस से भर दिया।
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शनिवार को कला प्रकाश व बनारस बीड्स के संयुक्त तत्वावधान में रवींद्रपुरी कालोनी स्थित नीलांबर में आयोजित संगीत संध्या गुलाबबाड़ी में प्रथम प्रस्तुति अर्नव गुप्ता और आरना गुप्ता के गणेश वंदना की रही। इसके बाद पद्मश्री मालिनी अवस्थी ने मंच संभाला। गायन का आरंभ गुरु वंदना से किया। इसके बाद शिव स्तुति के बाद ठुमरी की प्रस्तुति उड़त अबीर-गुलाल..।
होली की रचना होरी मैं खेलूंगी... सुन श्रोता झूम उठे। होली के बाद चैती की भी प्रस्तुति की। गायन का समापन गंगा गीत से किया। इसके पूर्व आयोजन समिति की ओर से अशोक गुप्ता के निर्देशन में समस्त आगंतुकों को ठंडई के साथ ही बनारसी टोपी व केसरिया दुपट्टा भेंट कर स्वागत किया गया। धन्यवाद प्रकाश अशोक कपूर ने किया।